Mumbai News: रावण से जुड़कर राम का नाम कैसे ले सकते हैं? शिंदे का उद्धव पर कटाक्ष
मुंबई के शिवाजी पार्क में गुरुवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। यह झड़प तब हुई जब एकनाथ शिंदे ने पार्क में स्थित शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के स्मारक का दौरा किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। शिंदे का स्मारक का दौरा ठाकरे की 11वीं बरसी से एक दिन पहले हुआ।
दोनों गुटों के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथापाई शुरू होने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को तितर-बितर किया।

रावण से जुड़कर वो राम का नाम कैसे ले सकते हैं?
इस बीच, एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को उद्धव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह उन लोगों के साथ मिलकर भगवान राम का नाम कैसे ले सकते हैं जो 'रावण के समर्थक' हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित तौर पर अपने चुनाव अभियानों में धर्म का इस्तेमाल करने पर चुनाव आयोग को उद्धव ठाकरे के पत्र का जवाब दे रहे थे।
दादर पश्चिम में कसारवाड़ी सफाई कर्मचारी कॉलोनी का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि रावण से जुड़ने के बाद, वह (उद्धव ठाकरे) राम का नाम कैसे ले सकते हैं? उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में मोदी के रथ का मुकाबला करने के लिए गठित चुनाव पूर्व विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने रावण के समर्थकों के साथ गठबंधन किया है।
बालासाहेब ठाकरे जिंदा होते तो, करते पीएम मोदी का धन्यवाद
शिंदे ने आगे यह भी कहा कि इंडिया ब्लॉक ने उन लोगों के साथ गठबंधन किया है, जो रावण के समर्थक हैं। इसलिए उन्हें राम का नाम भी नहीं लेना चाहिए। शिंदे ने यहां तक दावा किया कि अगर शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे जीवित होते तो, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते।












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