'याकूब मेमन जैसे आतंकी का महिमामंडन स्वीकार नहीं', कब्र की सजावट पर महाराष्ट्र के सीएम सख्त
मुंबई, 9 सितंबर: आतंकी याकूब मेमन की कब्र को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें आतंकी की कब्र पर लाइट्स और टाइल्स लगे दिखे। बीजेपी ने इस घटना के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही आरोप लगाया कि उद्धव के कार्यकाल में ही याकूब की कब्र की सजावट हुई, ऐसे में उनको जनता से माफी मांगनी चाहिए। अब इस पूरे मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बयान सामने आया है।

सीएम ने कहा कि याकूब मेमन जैसे आतंकी का महिमामंडन नहीं किया जा सकता है। ये अस्वीकार्य है और हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने इसके बारे में बीएमसी और महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारियों से बात की है। घटना की जांच की जा रही है और गृह मंत्रालय इस मामले में जरूरी कार्रवाई करेगा। सीएम ने दावा किया कि वो इस मामले को लेकर काफी सख्त हैं, इस वजह से इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल हंगामा होता देख मुंबई पुलिस ने वहां से एलईडी लाइटें हटा दी हैं और डीसीपी स्तर के एक अधिकारी मामले की जांच कर रहे। वहीं बीजेपी पर पलटवार करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि आखिर उस वक्त की सरकार (बीजेपी सरकार) ने मेमन को क्यों ओसामा बिन लादेन की तरह समुद्र में नहीं फेंका? आखिर क्यों उसे दफनाने के लिए जमीन और कड़ी सुरक्षा दी गई? पहले बीजेपी इन सवालों का जवाब दे, फिर उन पर आरोप लगाए।
257 बेगुनाहों की ली थी जान
आपको बता दें कि याकूब मेमन का हाथ 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट में था। जिसमें करीब 257 बेगुनाह लोग मारे गए थे। इस घटना की जांच के दौरान 1994 में सीबीआई ने उसे गिरफ्तार किया था। बाद में टाडा अदालत ने मेमन को दोषी ठहराया और 2007 में उसे मौत की सजा दी। 30 जुलाई 2015 को उसे नागपुर जेल में फांसी पर लटकाया गया। उस वक्त उसकी फांसी को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ था।












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