Maharashtra Politics: 'नहीं रहना चाहता विरोधी दल का नेता' : अजित पवार ने मांगा एनसीपी संगठन में काम
महाराष्ट्र विधानसभा में विरोधी दल के नेता अजित पवार ने इस पद से मुक्ति मांगी है। उन्होंने पार्टी लीडरशिप से कहा है कि उन्हें इस पद में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह तो पार्टी विधायकों की मांग पर विपक्ष के नेता बन गए थे।
मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 24वें स्थापना दिवस पर विपक्षी दल के नेता अजित पवार ने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ने की पेशकश की है। इससे पार्टी के अंदर घमासान की अटकलों को और हवा मिल गई है। उन्होंने पार्टी लीडरशिप से एनसीपी संगठन में ही कोई जिम्मेदारी देने की मांग की है।

'नहीं रहना चाहता विरोधी दल का नेता'
वरिष्ठ एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बुधवार को पार्टी नेतृत्व से अपील की है कि उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा में विरोधी दल के नेता के पद से मुक्त कर दें और पार्टी संगठन में कोई नई जिम्मेदारी सौंप दें।
'मुझे बताया गया कि मैं विरोधी दल के नेता के रूप में सख्त बर्ताव नहीं करता'
लेकिन, इस मांग के साथ पवार ने जो कुछ भी कहा है, उसको लेकर एनसीपी में अटकलों को हवा मिलना तय है। उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया कि मैं विरोधी दल के नेता के रूप में सख्त बर्ताव नहीं करता। ' वो बोले कि 'मेरी विपक्ष के नेता के तौर पर काम करने की कभी भी दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन पार्टी एमएलए की मांग पर यह भूमिका स्वीकार की।'
'पार्टी संगठन में मुझे कोई पद दे दें'
उन्होंने कहा है कि उनकी मांग पर फैसला एनसीपी नेतृत्व को करना है। वो बोले, 'पार्टी संगठन में मुझे कोई पद दे दें और मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसके साथ मैं पूरा न्याय करूंगा।' गौरतलब है कि हाल ही में विधान परिषद के नेता के पद को लेकर उन्होंने शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत पर जोरदार तंज कसा था।
पिछले साल एमवीए सरकार गिरने के बाद मिली थी नई जिम्मेदारी
अजित पवार को तब महाराष्ट्र में विरोधी दल का नेता बनाया गया था, जब पिछले साल जून में एमवीए की सरकार गिर गई, जिसमें वह उपमुख्यमंत्री थे। तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के टूटने की वजह से एमवीए को सत्ता से बेदखल होना पड़ा था।
शरद पवार ने हाल ही में बेटी को बनाया है पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष
गौरतलब है कि हाल ही में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर उन्हें महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी है। जबकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल को अन्य राज्यों के लिए पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है।
प्रदेश में विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी के तीनों सहयोगी दलों- एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी में पवार की पार्टी ही सबसे बड़ी है, इसलिए विधानसभा में विरोधी दल के नेता का पद उसके कोटे में गया है। (इनपुट-पीटीआई)












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