महायुति गठबंधन के नेताओं को फडणवीस की दो टूक- मतभेद भुलाकर मिशन 45 प्लस पर करें फोकस
Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव की तरीखों के ऐलान के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन में महाराष्ट्र में चुनावी प्रचार तेज कर दिया है। वहीं महायुति गठबंधन में शामिल कुछ नेताओं की सीटों की डिमांउ के कारण महायुति में सीटों के बटंवारे को लेकर बात अटकी हुई है। अब उपमुख्यमंत्री देंवेद फडणवीस ने महायुति गठबंधन में सीटों के बटंवारे को लेकर चल रहे मतभेद पर नेताओं को सख्त हिदायत दी है।

दो अहम बैठकें कीं
बता दें महायुति में शामिल तीनों पार्टियों भाजपा, शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के नेताओं के बीच कुछ सीटों की डिमांड को लेकर खींचतान जारी है। रविवार को महायुति में आंतरिक विवादों को सुलझाने के लिए देवेंद्र फड़णवीस ने दो अहम बैठकें कीं।
देवेन्द्र फडनवीस की दो टूक
सूत्रों के अनुसार बैठक में महायुति के नेताओं से देवेन्द्र फडणवीस ने सलाह दी कि अंदरूनी मतभेदों को किनारे रखकर एक महागठबंधन के तौर पर काम करें। बारामती और नगर को लेकर हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने इस संबंध में आदेश दिये हैं। डिप्टी सीएम देवेंद्र ने कहा है कि सिर्फ यह देखें कि महागठबंधन का उम्मीदवार जीतेगा, बाकी सब बातें छोड़ दें।
विवाद पार्टी स्तर पर सुलझा लिया गया है
बारामती लोकसभा क्षेत्र में मतभेदों को सुलझाने के लिए फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और हर्षवर्द्धन पाटिल के साथ बैठक की। नगर दक्षिण में विवाद को सुलझाने के लिए फडणवीस ने राम शिंदे, सुजय विखे और राधाकृष्ण विखे के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक दोनों विधानसभा क्षेत्रों का विवाद पार्टी स्तर पर सुलझा लिया गया है
विवाद सुलझ गया है या नहीं
सूत्रों के मुताबिक बारामती विधानसभा क्षेत्र के विवाद को सुलझाने के लिए सागर बंगले पर देर रात तक आंदोलन चल रहा था। फडणवीस-हर्षवर्धन पटल के बीच 2 घंटे से चर्चा चली। बताया जा रहा है कि हर्ष वर्धन पाटिल यह कहने से बचते रहे कि विवाद सुलझ गया है या नहीं। इसलिए विवाद सुलझ गया है या नहीं, इसे लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।












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