फडणवीस ने 'वाघ नख' पर आदित्य ठाकरे के सवाल को बताया बचकाना, बोले-अपमानजनक सवाल पूछने का इतिहास रहा है
छत्रपति शिवाजी महाराज के के प्रसिद्ध वाघ के पंजे वाले खंजर 'वाघ नख' को बिट्रेन के संग्राहालय से वापस लाया जाएगा। वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने 'वाघ नख' की प्रामाणिकता और इसके संबंध में सवाल किया जिसे महाराष्ट्र के उपमुख्यंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बचकाना बताया है।

'अपमानजनक' सवाल पूछने का इतिहास रहा है
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने शिवाजी के वाघ नख की प्रामणिकता पर आदित्य ठाकरे के सवालों बचाकाना और जवाब नहीं देने लायक बताया। फडणवीस ने कहा (अविभाजित) शिवसेना का इस तरह के 'अपमानजनक' सवाल पूछने का का इतिहास रहा है।
आदित्य का सवाल बचकाना है, जवाब देने लायक ही नहीं है
फडणवीस ने कहा ऐसे ही एक बार राज्य सभा सांसद संजय राउत ने महान योद्धा राजा की वंशावली पर सवाल उठाया था। राउत ने एक बार छत्रपति शिवाजी महाराज के वंश पर सवाल उठाया था। आदित्य ठाकरे ने अब शिवाजी के 'वाघ नख' को लेकर बचकाना सवाल किया है, मैं ऐसे सवालों को जवाब देने लायक नहीं समझता।
आदित्य ठाकरे ने किया था ये सवाल
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदिज्य ठाकर ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा था कि बिट्रेन के संग्राहालय से लाया जा रहा वाघ नख क्या स्थायी रूप से महाराष्ट्र में रहेगा या ये उधार पर है? इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया था क्या ये छत्रपति शिवाजी महाराज का है या उस युग का है?
जानें बाघ नख की खासियत क्या है?
बता दें रविवार को महाराष्ट्र के सांस्कृति मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने जानकारी दी कि समझौते पर हस्ताक्षर के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ नख जल्द तीन साल के लिए महाराष्ट्र लाया जाएगा। ये वो वाघ नख है जिसे शिवाजी महाराज ने 1659 में बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को मारने के लिए वाघ नख का इस्तेमाल किया था। राज्य के संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार और उनके विभाग के अधिकारी प्रतिष्ठित हथियार को वापस पाने के लिए 3 अक्टूबर को यूके जाने वाले हैं।












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