Dawood Ibrahim की संपत्ति हुई नीलाम, कौन हैं खरीददार, कितने में बिकी अंडरवर्ल्ड डॉन की ये पॉपर्टी?
Dawood Ibrahim properties auctioned: कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दाऊद की पुश्तैनी संपत्तियों को आखिरकार खरीदार मिल गया है। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित नीलामी में एक बोलीदाता ने सबसे ऊंची बोली लगाकर चारों जमीनों को खरी 35 अटकी यह प्रक्रिया अब जाकर पूरी हो सकी है।
1993 मुंबई बम धमाके के बाद जब्त थीं संपत्तियां
ये चारों कृषि भूमि SAFEMA के तहत बेची गई हैं। ये संपत्तियां 1990 के दशक में कास्कर परिवार से जब्त की गई थीं। बाद में, 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद, संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के तहत इन्हें केंद्र सरकार के नियंत्रण में ले लिया गया था। इनमें से कई जमीनें उसकी मां अमीना बी के नाम दर्ज थीं।

आसान नहीं थी नीलामी
इन संपत्तियों की बिक्री सिर्फ एक नीलामी नहीं, बल्कि डर, कानूनी जटिलताओं और बदनाम पहचान से जूझती एक लंबी कहानी रही है। इनकी नीलामी के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन विभिन्न कानूनी और सामाजिक बाधाओं के चलते यह प्रक्रिया बार-बार बाधित होती रही। आखिरकार, वर्षों बाद इन जमीनों को खरीदार मिलना इस पूरे मामले में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
दाऊद इब्राहिम की कहां हैं ये संपत्तियां?
दाऊद इब्राहिम की यह पुश्तैनी संपत्ति महाराष्ट्र के रत्नागिरी के खेड तालुका मुंबा के गांव में स्थित है। ग्रामीण इलाके में होने और केवल कृषि उपयोग की शर्तों के कारण भी इन जमीनों की बिक्री आसान नहीं रही। अंडरवर्ड डॉन की इस संपत्ति को बेचना सरकार के लिए आसान नहीं था।
किसने खरीदी ये चारों पॉपर्टी?
नीलामी जीतने वाले मुंबई के बोलीदाता की पहचान फिलहाल गोपनीय रखी गई है। नियमों के मुताबिक, नीलामी जीतने वाले बोलीदाता को अप्रैल 2026 की शुरुआत तक पूरी राशि जमा करनी होगी। इसके पश्चात, संबंधित प्राधिकारी की अंतिम स्वीकृति के बाद ही संपत्तियों का हस्तांतरण पूरा हो पाएगा। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए पूरी प्रक्रिया के दौरान कानूनी जाँच-पड़ताल और कागजी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होगी, ताकि इसमें कोई अड़चन न आए। जिसके बाद हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सबसे ज्यादा चर्चा में रहा यह प्लॉट
चारों संपत्तियों में सर्वे नंबर 442 (हिस्सा 13-B) सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना। इसकी आरक्षित कीमत लगभग ₹9.41 लाख थी, जबकि बोली 10 लाख रुपये से ऊपर पहुंच गई। इस प्लॉट के लिए मुंबई और रत्नागिरी से दो लोगों ने प्रतिस्पर्धा की। बाकी तीन प्लॉट (533, 453 और 61) एक ही बोलीदाता ने खरीदे।
कई बार नाकाम रही थी नीलामी
इन संपत्तियों को बेचने की कोशिश 2017, 2020, 2024 और 2025 में भी की गई थी, लेकिन हर बार प्रक्रिया असफल रही। दाऊद और उसकी डी-कंपनी से जुड़ा नाम लोगों को निवेश से दूर रखता रहा। यहां तक कि नवंबर 2024 में 30% आरक्षित मूल्य घटाने के बाद भी कोई खरीदार सामने नहीं आया।
दाऊद इब्राहिम की पहले किसने खरीदी थी संपत्ति?
दिल्ली के वकील अजय श्रीवास्तव भी दाऊद की संपत्तियों की खरीद को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने 2001 में मुंबई के नागपाड़ा में दो यूनिट खरीदी थीं, जिनका कब्जा उन्हें अब तक नहीं मिल पाया है और मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित है।
इसके अलावा, उन्होंने 2020 में मुंबाके गांव का पैतृक बंगला भी खरीदा था। हालांकि 2024 में एक छोटे प्लॉट के लिए उनकी ₹2.01 करोड़ की ऊंची बोली भुगतान न करने के कारण रद्द कर दी गई थी।












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