शरद पवार को मिले ऑफर से कांग्रेस और उद्धव गुट सतर्क, तैयार करने में जुटे Plan-B
महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज है। हाल ही में खबर आई कि बीजेपी ने शरद पवार को अपने खेमे में करने की कवायद तेज कर दी है। अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस-उद्धव ठाकरे गुट की मुश्किल बढ़ जाएगी। हालांकि उन्होंने अभी से ही इस समस्या से निपटने की योजना तैयार करनी शुरू कर दी है।
वैसे तो कांग्रेस और उद्धव गुट ने इस मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन रविवार को महाराष्ट्र में दोनों के बीच एक बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस की ओर से पीसीसी चीफ नाना पटोले और उद्धव गुट की ओर से संजय राउत शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं ने अजित और शरद पवार को लेकर लंबी चर्चा की। साथ ही शरद पवार के MVA गठबंधन से अलग होने की स्थिति पर भी बात की। दोनों ही दल प्लान बी तैयार कर रहे। इसकी चर्चा के लिए वो जल्द ही दिल्ली आकर राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे।
नाना पटोले से मुलाकात पर उठाए सवाल
पीसीसी चीफ पटोले को चाचा-भतीजे की मुलाकात रास नहीं आई। उन्होंने कहा कि शरद पवार और अजित एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। ऐसे में अगर उनको सामान्य बैठक करनी है, तो वो एक-दूसरे के आवास पर करें। उनको गुप्त बैठक करने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि शरद पवार को लेकर कांग्रेस के मन में भले ही कोई भ्रम ना हो, लेकिन जनता के मन में है। वो हर स्थिति के लिए तैयार हैं। उनका प्लान ए और बी दोनों बीजेपी को सत्ता से हटाना है।
पवार को क्या ऑफर मिला?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी लोकसभा चुनाव 2024 के पहले एनसीपी चीफ को अपने पाले में लाना चाहती है। उनको ऑफर दिया गया है कि अगर लोकसभा चुनाव के बाद एनडीए की वापसी हुई, तो शरद पवार को कृषि मंत्री बनाया जाएगा। इसके अलावा उनको नीति आयोग की भी जिम्मेदारी मिल सकती है। उनकी बेटी सुप्रिया सुले को भी केंद्र में बुलाने का आश्वासन दिया गया है।
सभी सीटों पर अकेले उतरेंगे उद्धव?
वहीं उद्धव ठाकरे भी हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की सभी लोकसभा सीटों की समीक्षा शुरू कर दी है। कहा जा रहा कि अगर हालात सही नहीं हुए, तो वो 48 सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ेंगे। वहीं कांग्रेस ने भी अपने पर्यवेक्षकों को सभी सीटों की जानकारी जुटाने को कहा है।












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