एमवीए को मिलेगा 'स्पष्ट बहुमत', महायुति के लिए कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने कही ये बात
Maharashtra Election 2024: 20 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के लिए वोटिंग होगी। वोटिंग से ठीक पहले कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में एमवीए "स्पष्ट बहुमत" हासिल करेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़ महायुति "आंतरिक कलह" से ग्रस्त है और भाजपा सहयोगियों को "खत्म" करना चाहती है।
पीटीआई को दिए अपने इंटरव्यू में कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक रहोगे तो सुरक्षित रहोगे' और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'बतेंगे तो कटेंगे' नारे ''विफल'' हो गए हैं क्योंकि वे महाराष्ट्र के लोकाचार और संस्कृति के खिलाफ थे।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस, शिवसेना और राकांपा वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) पूरी तरह एकजुट है और चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद पर फैसला करने में कोई समस्या नहीं होगी। वहीं, चेन्निथला ने सवाल उठाया कि महायुति ने एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद का चेहरा क्यों नहीं घोषित किया, जबकि वे वर्तमान मुख्यमंत्री हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि मोदी के 'एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे' और आदित्यनाथ के 'बटेंगे तो कटेंगे' नारे पर एनसीपी के अजीत पवार और बीजेपी नेता पंकजा मुंडे जैसे महायुति नेताओं ने भी इसका विरोध किया है। चेन्निथला ने दावा करते हुए कहा कि यहां तक कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने भी इसका (आदित्यनाथ के नारे का) विरोध किया है।
इसलिए बड़ी संख्या में लोगों ने इसका विरोध किया है। यह महाराष्ट्र के लोकाचार और संस्कृति के खिलाफ है। लोगों को यह पसंद नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी का नारा भी लोगों को पसंद नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और भाजपा लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांट रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव ने पीटीआई से कहा, "वे हमेशा हिंदू-मुस्लिम, हिंदुस्तान-पाकिस्तान, कब्रिस्तान-शमशान की बात करते हैं। लोगों को यह पसंद नहीं है। उनके दो नारे विफल हो गए हैं और लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या अजीत पवार द्वारा आदित्यनाथ के नारे की आलोचना करने से सत्तारूढ़ महायुति में दरार देखी जा रही है।
चेन्निथला ने कहा, "100 फीसदी। पीएम की रैली में उनकी (अजित पवार की) अनुपस्थिति बहुत स्पष्ट थी, उनके लोग भी मुंबई की बैठक में नहीं गए और पीएम की मुंबई बैठक एक बड़ी फ्लॉप रही।" उन्होंने कहा, "अमरावती में भाजपा नेताओं के बीच बहुत बड़ी लड़ाई है। ये सभी बातें दर्शाती हैं कि महायुति में मतभेद है और यह चुनावों में सामने आएगा।"
चुनावों के बाद महायुति के टूटने के दावों पर चेन्निथला ने कहा, "निश्चित रूप से, महायुति में बहुत सारे आंतरिक मतभेद हैं। गठबंधन में यह बहुत ही अजीब स्थिति है। उन्होंने (भाजपा ने) शिंदे शिवसेना को सीटें दी थीं, लेकिन उन्होंने शिवसेना के चुनाव चिह्न पर लड़ने के लिए 13 भाजपा नेताओं को भी दिया।"
कहा कि उन्होंने अजीत पवार को सीटें दीं और एनसीपी के चुनाव चिह्न पर लड़ने के लिए 5 भाजपा नेताओं को भी टिकट दिया। उन्होंने कहा, "भाजपा के इरादों को समझना संभव नहीं है। आप सीटें और नेता भी दे रहे हैं। वे (भाजपा) अपने सहयोगियों को खत्म करना चाहते हैं जो बहुत स्पष्ट है और यही कारण है कि महायुति के भीतर मतभेद हैं।"
दूसरी ओर, चेन्निथला ने कहा कि एमवीए एकजुट है और कोई लड़ाई नहीं है। कहा कि जो 80 प्रतिशत लोग नाराज हो गए थे उन्हें भी मना लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि महायुति के घटक दल आपस में लड़ रहे हैं और हर जगह समस्याएं हैं। उनसे यह पूछे जाने पर कि क्या अजित पवार चुनाव के बाद एमवीए में शामिल हो सकते हैं?
इस सवाल पर चेन्निथला ने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता। हम अपने दम पर बहुमत हासिल कर लेंगे। किसी को भी पाला बदलने की कोई ज़रूरत नहीं है।" चेन्निथला ने कहा कि कांग्रेस कभी भी पहले से सीएम का नाम पेश नहीं करती है और एमवीए चुनाव के बाद सीएम पद पर फैसला करेगी।
चेन्निथला ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री पद के बारे में कोई चर्चा नहीं की है, हमारा ध्यान इस भ्रष्ट सरकार को हटाने पर है। देश की सबसे भ्रष्ट सरकार महायुति सरकार है।" उन्होंने कहा कि आप देख रहे हैं कि इस चुनाव में वे कितना पैसा बहा रहे हैं, यह पैसा कहां से आया? विधायकों को खरीद लिया गया है। यह एक अनैतिक सरकार है जिसे लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे और यह चुनावों में प्रदर्शित होगा।












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