Maharashtra Election 2024:चुनावी रण में फिसड्डी साबित होते ही कांग्रेस ने रोया EVM का रोना, कहा- बहुत छेड़छाड
Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे साफ होते ही कांग्रेस नेता उदित राज ने ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ईवीएम का इस्तेमाल होगा, निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है। उदित राज ने चुनाव परिणामों को "ईवीएम का नतीजा, जनता का नहीं" करार दिया और अपनी पार्टी से आंदोलन करने की अपील की।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए ईवीएम का चतुराई से दुरुपयोग करती है। उन्होंने कहा कि हर जगह ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं करते, क्योंकि जनता को शक हो जाएगा। महाराष्ट्र में अडानी को बचाने के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया गया। झारखंड में ऐसा नहीं किया, वहां इनकी मेहरबानी दिखी। उन्होंने महाराष्ट्र के नतीजों को खारिज करने और सड़क पर आंदोलन करने की मांग की।

संजय राउत के बयान का समर्थन
उदित राज ने शिवसेना नेता संजय राउत के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के नतीजे जनता का फैसला नहीं, बल्कि ईवीएम के दुरुपयोग का नतीजा हैं।
कौन हैं उदित राज?
उदित राज कांग्रेस के प्रमुख दलित नेता और पूर्व लोकसभा सांसद हैं। वे सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों की आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं। उनका राजनीतिक सफर और विचारधारा इस प्रकार है...
- प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: उदित राज ने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी के रूप में करियर की शुरुआत की। लेकिन सामाजिक न्याय और दलित उत्थान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें राजनीति की ओर खींचा।
- दलित अधिकारों के पैरोकार: 2003 में उन्होंने "ऑल इंडिया कॉन्फेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गनाइजेशन" की स्थापना की। यह संगठन दलित समुदाय के हक और अधिकारों के लिए काम करता है।
कैसा है राजनीतिक सफर?
- 2014 में भाजपा में शामिल होकर उत्तर पश्चिम दिल्ली सीट से लोकसभा सांसद बने।
- 2019 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया।
विचारधारा और सक्रियता:
उदित राज सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर ईवीएम, सामाजिक असमानता और दलित अधिकारों पर सवाल उठाते रहे हैं।
ईवीएम पर विपक्ष का पुराना मुद्दा
ईवीएम पर सवाल उठाना विपक्षी दलों के लिए नया नहीं है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां पहले भी आरोप लगाती रही हैं कि ईवीएम में छेड़छाड़ कर चुनावी नतीजे बदले जाते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और कई विशेषज्ञ इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
क्या कहती है भाजपा?
भाजपा ने ईवीएम पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इसे विपक्ष की "हार की हताशा" करार दिया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराता है।












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