BMC Mayor: शिवसेना या भाजपा किससे बनेगा मुंबई का मेयर? सीएम देवेंद्र फडणवीस का आया बड़ा बयान
BMC Mayor Election: मुंबई महानगरपालिका चुनावों में महायुति ने शानदार जीत हासिल की है। इस नतीजे को दस दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन मुंबई को अभी तक नया महापौर नहीं मिल पाया है। इसका एक प्रमुख कारण महायुति के घटक दलों, यानी भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट), द्वारा अभी तक संभागीय आयुक्त के पास अपने गुट का आधिकारिक पंजीकरण न कराना है।
इस देरी के पीछे एक और वजह यह भी है कि ये दोनों दल अलग-अलग गुट बनाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा और शिवसेना के गुट गठन को लेकर अपनी टिप्पणी दी है। उन्होंने साफ किया कि महापौर पद के उम्मीदवारों का चयन करते समय पार्टी के हित को प्राथमिकता दी जाएगी।

शिवसेना या भाजपा किस पार्टी से बनेगा मुंबई का मेयर?
मुंबई में गुट पंजीकरण के संबंध में बात करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'गुट बनाते समय फायदे का विचार किया जाएगा। महापौर और उपमहापौर के पदों को छोड़कर, अन्य पद आपकी कुल संख्या के अनुसार मिलते हैं। इसी आधार पर, हमारी रणनीति अधिकतम पद हासिल करने की होगी।'
फडणवीस ने आगे जोड़ा, 'इस बात पर गहन विचार किया जाएगा कि दोनों गुटों के एक साथ जुड़ने से लाभ होगा या नहीं। हमारा प्रयास होगा कि स्थायी समिति में अधिक से अधिक सदस्य शामिल हो सकें। यह पूर्णतः शुद्ध राजनीति का मामला है, और पूरी तरह विचार-विमर्श के बाद ही गुटों का पंजीकरण संयुक्त या अलग किया जाएगा। इस संबंध में आपको जानकारी अवश्य मिलेगी।'
BMC चुनाव में किस पार्टी को मिली है कितनी सीटें?
मुंबई बीएमसी चुनावों में, सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिलीं। वहीं, शिवसेना (ठाकरे गुट) ने 65, कांग्रेस ने 24, मनसे ने 6, शरद पवार की राकांपा ने 1, एआईएमआईएम ने 8 और अन्य उम्मीदवारों ने 12 सीटों पर विजय प्राप्त की थी।
भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) को छोड़कर, अन्य सभी दलों ने अपने गुट पहले ही स्थापित कर लिए हैं। स्पष्ट है कि भाजपा और शिवसेना द्वारा गुटों के पंजीकरण के बाद ही महापौर पद के लिए चुनाव संपन्न होगा। यह पद इस बार महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है, और भाजपा के पास मुंबई में कई सक्षम महिला पार्षद हैं।
फिलहाल, महापौर पद की दौड़ में कई नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। इनमें राजश्री शिरवाडकर, अलका केरकर, हर्षिता नार्वेकर, रितु तावडे, आशा मराठे, शीतल गंभीर और योगिता सुनील कोळी जैसी महिला पार्षदों के नाम शामिल हैं, जिन पर पार्टी गंभीरता से विचार कर रही है।












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