BMC Election 2026: हाई-प्रोफाइल चुनाव में EVM गड़बड़ी से गरमाया माहौल, तकनीकी खामी से वोटिंग पर उठे सवाल
BMC Election Voting 2026: महाराष्ट्र में गुरुवार, 15 जनवरी को चल रहे हाई-स्टेक्स नगर निकाय चुनावों के बीच पुणे और उसके आसपास के इलाकों से EVM में तकनीकी समस्याओ का सामना करना पड़ा। इसके बाद से ही चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत सामने आई जिसके बाद वोटर्स को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायकों ने इन समस्याओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

NCP विधायक रोहित पवार का बड़ा दावा
NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में कहा कि पुणे और आसपास के कई मतदान केंद्रों पर EVM में दिक्कतें देखी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व और स्थानीय पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार कई जगह मशीनों में समय का अंतर दिखाई दे रहा है।
रोहित पवार के मुताबिक, कई मतदान केंद्रों पर EVM में 15 मिनट का फर्क दिख रहा है। कुछ जगहों पर जब चौथा बटन दबाया जा रहा है, तो आवाज तो आ रही है लेकिन लाइट नहीं जल रही। ऐसी कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन गड़बड़ियों से मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बन रही है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नवी मुंबई में बीजेपी नेता गणेश नाइक को भी आई परेशानी
चुनाव के दौरान सिर्फ EVM ही नहीं, बल्कि मतदाता सूची को लेकर भी समस्याएं सामने आई हैं। महाराष्ट्र के वन मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता गणेश नाइक को नवी मुंबई नगर निगम चुनाव में वोट डालने में परेशानी का सामना करना पड़ा। गणेश नाइक ने बताया कि वे सालों से नवी मुंबई के स्कूल नंबर 94 में अपने परिवार के साथ मतदान करते आए हैं, लेकिन इस बार उन्हें बताया गया कि उनका मतदान केंद्र बदल दिया गया है और उन्हें सेंट मैरी हाई स्कूल में वोट डालना होगा। जब वे स्कूल नंबर 94 पहुंचे, तो वहां उनका नाम मतदाता सूची में नहीं मिला। इसके बाद वे सेंट मैरी हाई स्कूल गए, लेकिन वहां भी उन्हें कमरे के नंबर और सूची को लेकर दिक्कत हुई।
गणेश नाइक ने मीडिया से कहा,- मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं था, इसलिए मैं वोट नहीं डाल सका। बाद में मुझे दोबारा सेंट मैरी स्कूल जाने को कहा गया। मेरे परिवार और रिश्तेदार एक ही बिल्डिंग में रहते हैं, लेकिन हमारे नाम तीन अलग-अलग मतदान केंद्रों में बांट दिए गए हैं।
जब गणेश नाइक से पूछा गया कि इस गड़बड़ी की जिम्मेदारी किसकी है, तो उन्होंने सीधे तौर पर राज्य निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, अगर मेरे जैसे मंत्री का नाम वोटर लिस्ट से गायब हो सकता है, तो आम मतदाताओं के साथ क्या हो रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।"
चुनाव आयोग की चुनौती
एक ओर जहां महाराष्ट्र के कई नगर निगमों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, वहीं दूसरी ओर EVM में तकनीकी दिक्कतें और मतदाता सूची से जुड़े मामले चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष व सुचारू मतदान की मांग कर रहे हैं। फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। मतगणना शुक्रवार, 16 जनवरी को होनी है, ऐसे में आने वाले घंटों में चुनावी हालात और ज्यादा अहम हो गए हैं।












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