BMC Election Result: BJP रचेगी इतिहास या शिंदे गुट का होगा अगला मेयर? आंकड़े किस ओर कर रहे हैं संकेत?
BMC Election Result Next Mumbai Mayor: मुंबई की सत्ता के 'महाकुंभ' यानी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव परिणाम आज राज्य की राजनीति की नई दिशा तय कर रहे हैं। 227 वार्डों वाली इस सबसे अमीर नगर पालिका में सुबह 10 बजे से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझान भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना (महायुति) के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं।
114 के बहुमत के जादुई आंकड़े को पार करते हुए महायुति फिलहाल 135 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे 30 साल बाद ठाकरे परिवार के हाथ से बीएमसी की सत्ता फिसलती दिख रही है। एग्जिट पोल के सटीक साबित हो रहे आंकड़ों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मुंबई को अपना पहला भाजपा मेयर मिलेगा? राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि भाजपा की प्रचंड बढ़त उसे मेयर की कुर्सी का स्वाभाविक दावेदार बना रही है।

मेयर की कुर्सी, भाजपा बनाम शिंदे सेना का समीकरण
मुंबई के अगले महापौर को लेकर महायुति गठबंधन के भीतर मंथन शुरू हो चुका है-
भाजपा की दावेदारी: रुझानों में भाजपा अकेले 90-100 के करीब सीटें जीतती दिख रही है। गठबंधन में 'बड़ा भाई' होने के नाते भाजपा इस बार मेयर पद अपने पास रखने के लिए अडिग है। यदि ऐसा होता है, तो यह मुंबई के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक बदलाव होगा।
शिंदे गुट की भूमिका: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने भी 30 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाई है। सूत्रों के अनुसार, समझौते के तहत भाजपा को मेयर और शिंदे गुट को 'स्थायी समिति' (Standing Committee) का अध्यक्ष पद मिल सकता है।
मराठी मानुस कार्ड: गठबंधन की ओर से मेयर पद के लिए किसी ऐसे चेहरे को आगे लाया जा सकता है जो 'मराठी मानुस' और 'विकास' दोनों का प्रतिनिधित्व करता हो।
BMC Election Results: पहली जीत और बड़े उलटफेर
मतगणना के दौरान कई सीटों पर चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं:
कांग्रेस की पहली जीत: धारावी (वार्ड 183) से कांग्रेस की आशा दीपक काले ने 1,450 वोटों से जीत दर्ज कर पार्टी का खाता खोला है।
ठाकरे गुट को राहत: प्रभादेवी (वार्ड 194) से उद्धव गुट के निशिकांत शिंदे और वार्ड 182 से पूर्व मेयर मिलिंद वैद्य ने जीत हासिल कर अपनी साख बचाई है।
भाजपा का परचम: गोरेगांव (वार्ड 50) से तेजस्वी घोसालकर और मानखुर्द (वार्ड 135) जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र से नवनाथ बन ने भाजपा के लिए बड़ी जीत दर्ज की है।
दिग्गजों को झटका: पूर्व मंत्री नवाब मलिक के भाई और अरुण गवली की बेटी गीता गवली शुरुआती रुझानों में पिछड़ गए हैं।
ओवैसी और राज ठाकरे, 'किंगमेकर' या 'वोट कटर'?
रुझानों ने यह भी साफ कर दिया है कि छोटे दलों ने बड़े गठबंधन के गणित को प्रभावित किया है:
AIMIM का प्रभाव: ओवैसी की पार्टी ने गोवंडी और शिवाजी नगर (वार्ड 136-137) में बढ़त बनाकर समाजवादी पार्टी और महाविकास अघाड़ी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई है।
MNS की वापसी: राज ठाकरे की मनसे ने कल्याण-डोंबिवली और मुंबई के कुछ पॉकेट्स में 9 सीटों पर बढ़त बनाकर अपनी प्रासंगिकता साबित की है।
वोट प्रतिशत: भाजपा+ को करीब 42% वोट मिलते दिख रहे हैं, जबकि ठाकरे भाइयों के गठबंधन को 32% मतों पर संतोष करना पड़ सकता है।
मतगणना की खास तकनीक
बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी ने इस बार 'फेज्ड काउंटिंग' का तरीका अपनाया है, जिसमें एक समय में केवल 2 वार्डों की गिनती की जा रही है। इस पारदर्शिता के कारण अंतिम आधिकारिक परिणाम शाम के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। हालांकि, शुरुआती रुझानों ने यह लगभग तय कर दिया है कि मुंबई की सत्ता का नया केंद्र अब भाजपा-शिंदे गठबंधन का मुख्यालय होगा।












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