'......मेरी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल थी', फडणवीस ने अजित पवार के साथ सरकार बनाने को लेकर क्या कहा ? जानिए
मुंबई, 11 सितंबर: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आखिकारकार मान लिया है कि 2019 में एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार पर भरोसा कर लेना उनकी 'सबसे बड़ी' राजनीतिक भूल थी। उन्होंने यह भी कहा कि पीठ में छुरा घोंपने का बदला लेने के लिए यह जरूरी है कि उसके लिए पर्याप्त समय चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने उद्धव ठाकरे पर फिर से जनादेश का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया है और इस बात की ओर इशारा किया है कि यह सब क्षमता से ज्यादा आकांक्षा होने का परिणाम है।

'अजित पवार पर विश्वास करना मेरी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल थी'
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सीएनएन न्यूज18 के एक कार्यक्रम में शनिवार को 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद की परिस्थितियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। चुनाव परिणाम आने के बाद जब उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद के लिए जिद ठान दी थी, तब अचानक एक दिन तड़के जल्दीबाजी में राजभवन में फडणवीस को मुख्यमंत्री और एनसीपी के अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। यह सरकार मुश्किल से 80 घंटे तक चली और अजित पवार ने फिर से पाला बदल लिया और अपने चाचा शरद पवार के कैंप में वापस चले गए। फडणवीस ने अब कहा है कि 'जब ये चीजें होती हैं तो यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे राजनीतिक बैक-स्टैबिंग के लिए आपको बदला लेने के लिए काफी पर्याप्त समय चाहिए।' उन्होंने कहा है कि अजित पवार पर विश्वास करना उनकी 'सबसे बड़ी' राजनीतिक भूल थी।
शिवसेना में टूट के लिए सिर्फ उद्धव ठाकरे जिम्मेदार-फडणवीस
इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने शिवसेना में टूट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा है कि इसके लिए उनके काम करने का तरीका जिम्मेदार है। उनके मुताबिक महाराष्ट्र में हाल में हुए राजनीतिक उथल-पुथल के लिए ही सिर्फ उद्धव ठाकरे ही दोषी हैं। फडवीस ने कहा, 'महाराष्ट्र में राजनीतिक हार और संकट के लिए सिर्फ उद्धव ठाकरे जिम्मेदार हैं। उनके काम करने का तरीका शिवसेना में टूट के लिए जिम्मेदार है। एमवीए गठबंधन से करीब 30-40 एमएमलए निकल गए और उन्हें इसके बारे में कोई आइडिया नहीं था।'
उद्धव पर फडणवीस का तंज
फडणवीस ने उद्धव पर तंज कसते हुए कहा, 'उद्धव जी अपने भाषणों में अक्सर कहते थे- 'आप मेरी सरकार को गिराने की कोशिश कर सकते हैं।' मैंने कहा था-'एक दिन आपकी सरकार गिर जाएगी और आपको पता भी नहीं चलेगा।' और बिल्कुल ऐसा ही हुआ।' जून के आखिर में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के 39 विधायकों के साथ उद्धव के खिलाफ विद्रोह कर दिया था, जिसके चलते शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी। 30 जून को शिंदे ने सीएम और फडणवीस ने डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली थी।
उद्धव ने जनादेश का मजाक बनाया- भाजपा नेता
फडणवीस ने फिर कहा है कि 'उद्धव ठाकरे ने जनादेश का मजाक बनाया। जब हमने गठबंधन में चुनाव लड़ा तो प्रत्येक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि सीएम बीजेपी से होगा। उद्धव जी भी मंच पर थे और ताली बजा रहे थे। लेकिन, जब आकांक्षा क्षमता से ज्यादा बढ़ जाती है......।' उन्होंने यहां तक कहा कि 'हम पहले हिंदुत्व के लिए बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व में लड़े और आज वो बालासाहेब को 'जनाब' बालासाहेब बुलाने लगे हैं और ऊर्दू में कैलेंडर छपवाने लगे हैं। शिवसेना ने इस तरह की तुष्टिकरण कभी नहीं की थी।'












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