बकरीद पर इस शहर के लोग नहीं देंगे कुर्बानी, अदा करेंगे केवल नमाज़, वजह कर देगी हैरान
तू हिंदू बनेगा ना मुसलमान बनेगा, इन्सान की औलाद है इंसान बनेगा... साहिर लुधियानवी की एकता और भाईचारा का संदेश देती इस पंक्ति को महाराष्ट्र के एक शहर के लोगों ने सच कर दिखाया है।
जब देश के राजनीतिक दल जातियों और समुदायों के बीच कड़वाहट पैदा कर रही हैं, ऐसे माहौल में महाराष्ट्र के इस शहर के लोगों ने हिंदू-मुस्लिम एकता की एक उन्दा मिसाल पेश की है।

बकरीद पर नहीं करेंगे कुर्बानी
महाराष्ट्र के अहमदनगर के नेवासा कस्बे में लोंगो ने सांप्रदायिक सौहाई की मिसाल पेश करते हुए इस बार बकरीद के दिन बकरे की कुर्बानी नहीं करने का फैसला किया है।
जानें क्यों किया है ये फैसला
अहमदनगर के नेवासा कस्बे में लोगों ने ये फैसला फैसला अपने हिंदू भाईयों के लिए लिया है। दरअसल, बकरीद और अषाढ़ी एकादशी एक ही तारीख को पड़ रही है। आषाढ़ी एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, वहीं बकरीद भी मुसलमानों का प्रमुख त्योहार है, इसके बाजवूद यहां के मुस्लिम समाज के लोगों ने हिंदू भाईयों की भावनाओं को ख्याल रखते हुए आषाढ़ी एकादशी पर कुर्बानी नहीं करने का फैसला किया है।
बकरीद पर सिर्फ नव़ाज अदा करेंगे
अहमदनगर के नेवासा के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बताया कि वो इस बार बकरीद के दिन कुर्बानी नहीं करेंगे सिर्फ नवाज अदा करेंगे। किसी भी हिंदू भाई को परेशानी ना हो इसलिए मुस्लिम समाज के लोगों ने ये फैसला सुनाया है।
हिंदुओं की भावनाओं का किया है ख्याल
दरअससल, नेवासा वो ही जगह है जहां पर प्रसिद्ध ज्ञानेश्वर माऊली मंदिर है, जिसकी बड़ी मान्यता है जहां पर लोग भारी संख्या में दर्शन करने आते हैं इसी वजह से आषाढ़ी एकादशी पर यहां के मुस्लिलम समुदाय के लोगों ने ये फैसला किया।
नेवासा की शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने बुलाई थी ये बैठक
नेवासा पुलिस ने 29 जून को आषाढ़ी एकादशी और बकरीद के त्यौहार पर शांति बनाए रखने के उपायों पर बात करने के लिए एक शांति सिमिति की बठक भी बुलाई थी और सौहाई के साथ त्योहार की अपील की थी। जिस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बताया कि उन्होंने आषाढ़ी एकादशी पड़ने के कारण बकरीद पर कुर्बानी नहीं देने का फैसला किया है।
बकरीर के एक दिन बाद करेंगे कुर्बानी
नेवासा निवासी रहमान ने बताया कि हमारे मजह में तीन दिन तक कुर्बानी करने की इजाजत है तो आषाढ़ एकादशी बकरीद के ही दिन है तो उसके ध्यान में रखत हुए हमने मुख्य बकरीद के दिन के बजाय एक बाद 30 जून को कुर्बानी करने का निर्णय किया है। नेवासा वासा के हिंदू समुदाय ने अपने मुस्लिम भाईयों के इस फैसले का स्वागत किया है।
पुलिस ने बोली ये बात
नेवासा में इससे पहले कई बार कुछ घटनाओं को आसमाजिक तत्वों द्वारा अंजाम दिया जा चुका है। इसलिए पुलिस ने बताया कि इस बार मुस्लिम समुदाय ने सराहनीय पहल करते हुए किसी भी विवााद से बचने और नेवादा की शांति बनाए रखने के लिए ये फैसला किया है। जो हिंदू-मुस्लिम एकता की नई मिसाल है।












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