ठाणे के बदलापुर में क्या हुआ? जिसके चलते लोगों ने रोक दी ट्रेनें, जानें मामले की एक-एक बात
Badlapur school sexual abuse case: महाराष्ट्र के ठाणे में एक स्कूल में दो मासूम बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की घटना के बाद माहौल गरमा गया है। ठाणे के बदलापुर में स्थित आदर्श विद्यालय के शिशु वर्ग में पढ़ने वाली दो बच्चियों के साथ सफाई ठेकेदार के कर्मचारी ने छेड़छाड़ की थी। अब इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुलिस को आरोपियों पर बलात्कार के प्रयास का आरोप लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मामले में तेजी लाने के लिए एक विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया जाएगा।
इस घटना में किंडरगार्टन के दो मासूम बच्चियों के साथ कथित तौर पर एक पुरुष परिचारक द्वारा दुर्व्यवहार किया गया था। आरोपी अक्षय शिंदे को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को अभिभावकों और नागरिकों ने बदलापुर रेलवे स्टेशन पर सुबह 8:30 बजे से ट्रेनों को रोककर अपना आक्रोश व्यक्त किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, लेकिन जल्द ही व्यवस्था बहाल हो गई।

घटना का विवरण
आरोपी 23 वर्षीय पुरुष सफाई कर्मचारी है। बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार तब हुआ जब वे शौचालय का उपयोग करने गई थीं। लड़कियों के शौचालय के लिए स्कूल द्वारा कोई महिला कर्मचारी नियुक्त नहीं की गई थी। आरोपी अक्षय शिंदे को 1 अगस्त, 2024 को ही स्कूल में नौकरी पर रखा गया था।
यौन उत्पीड़न का खुलासा तब हुआ जब एक लड़की ने अपने निजी अंगों में दर्द की शिकायत की। बाद में उसने अपने माता-पिता को बताया कि जब वह शौचालय का उपयोग करने गई थी, तब आरोपी ने उसके निजी अंगों को छुआ था।
माता-पिता ने लड़की के दोस्त के माता-पिता से संपर्क किया। उन्होंने पूर्व को बताया कि उनकी बेटी भी स्कूल जाने से डरती है।इसके बाद माता-पिता ने लड़कियों की स्थानीय डॉक्टर से जांच कराई, जिसने खुलासा किया कि उन दोनों के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था। स्कूल प्रबंधन ने प्रिंसिपल, एक क्लास टीचर और एक महिला अटेंडेंट को निलंबित कर दिया है।
सीएमओ ने कार्रवाई का वादा किया
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्कूल के प्रबंधन की लापरवाही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने ठाणे के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि मामले को अत्यंत तत्परता और दक्षता के साथ संभाला जाए। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने इस बात की समीक्षा करने का भी आदेश दिया है कि क्या स्कूलों में सखी सावित्री समितियां स्थापित की गई हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों की सहायता और सुरक्षा करना है।
मुख्यमंत्री का जवाब
शिंदे ने कहा, "मैंने ठाणे के पुलिस आयुक्त से बात की है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मैंने मामले को तेजी से निपटाने और आरोपी के खिलाफ बलात्कार के प्रयास और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने को कहा है।"
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा कि अगर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिंदे ने ठाणे पुलिस कमिश्नर को मामले को तत्परता और कुशलता से निपटाने का निर्देश दिया है।
स्कूल सुरक्षा के उपाय
शिंदे ने स्कूल सुरक्षा बढ़ाने और भविष्य में होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कई उपाय सुझाए। इनमें हर स्कूल में शिकायत पेटी लगाना और छात्रों से अक्सर मिलने-जुलने वाले कर्मचारियों की निगरानी बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने छात्रों की सहायता और सुरक्षा के लिए स्कूलों में सखी सावित्री समितियों की स्थापना सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा करने का आह्वान किया।
सरकार ने इस मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया है। इन कदमों का उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना और पीड़ितों को त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि स्कूल प्राधिकारियों की किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा उन्होंने छात्र सुरक्षा प्रोटोकॉल में चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया।












Click it and Unblock the Notifications