Baba Siddique कैसे बनाया 15 हजार करोड़ का साम्राज्य? जानें घड़ी की दुकान से रियल एस्टेट टाइकून बनने का सफर
Baba Siddique Real Estate Tycoon Journey: 12 अक्टूबर को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह न सिर्फ राजनीति बल्कि रियल एस्टेट और फिल्मी दुनिया में भी एक बड़ा नाम थे। बहुत कम लोगों को पता होगा कि बाबा सिद्दीकी का सफर एक साधारण घड़ी की दुकान से शुरू हुआ था।
बचपन में अपने पिता का हाथ बंटाते हुए, बाबा ने धीरे-धीरे राजनीति में कदम रखा और फिर रियल एस्टेट की दुनिया में एक बड़ा नाम बन गए। आइए जानते हैं, कैसे बाबा सिद्दीकी बने 15,000 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट टाइकून....

घड़ी बेचकर बीता बचपन
बाबा सिद्दीकी का सफर बेहद दिलचस्प रहा। 1970 के दशक में उनके पिता अब्दुल रहीम सिद्दीकी गांव छोड़कर महाराष्ट्र आए थे, जहां उन्होंने एक घड़ी की दुकान खोली थी। बाबा ने बचपन में अपने पिता के साथ काम किया और धीरे-धीरे राजनीति की ओर रुख किया। वे छात्र जीवन में ही कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए थे।
राजनीतिक सफर की शुरुआत
बाबा सिद्दीकी का करियर 1990 के दशक में शुरू हुआ, जब वे बांद्रा पश्चिम से एक युवा कांग्रेस सदस्य थे। 1995 तक, उन्होंने मुंबई के राजनीतिक परिदृश्य में अपनी जगह बना ली थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे मुंबई का रियल एस्टेट बाजार बढ़ा, वैसे-वैसे सिद्दीकी की राजनीतिक और व्यावसायिक किस्मत भी चमकी।
रियल एस्टेट में कदम
1990 के दशक के मध्य में, बाबा सिद्दीकी ने एक युवा कांग्रेस पार्षद के रूप में अपने सफर की शुरुआत की। बांद्रा, खार, और सांताक्रूज के क्षेत्रों में उनका राजनीतिक प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ता गया। इसी दौरान उन्होंने रियल एस्टेट में कदम रखा और देखते ही देखते इस उद्योग में अपनी एक खास पहचान बना ली।
झुग्गी पुनर्विकास नीति ने चमकाई किस्मत!
1998 में झुग्गी पुनर्वास नीति लागू होने के बाद, मुंबई में रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए बड़े अवसर पैदा हुए। इस नीति के तहत डेवलपर्स को झुग्गीवासियों के लिए मुफ्त घर बनाने का काम दिया गया और बदले में उन्हें वाणिज्यिक और लक्जरी प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि का इस्तेमाल करने की इजाजत मिली। बाबा सिद्दीकी ने इस नीति का बखूबी फायदा उठाया और बांद्रा, खार और सांताक्रूज के इलाकों में कई बड़ी पुनर्विकास परियोजनाएं पूरी कीं।
उनकी पहली प्रमुख परियोजनाओं में से एक थी, 'सांताक्रूज़ पश्चिम' में दौलत नगर झुग्गी का पुनर्विकास। इस परियोजना को उन्होंने राकेश वधावन और रफीक मंडेलिया के साथ मिलकर पूरा किया। मंडेलिया 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में 166 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित करने वाले राजनेता थे, जो सिद्दीकी के करीबी सहयोगी माने जाते थे।
राज्य की राजनीति में प्रवेश
1999 में, सिद्दीकी ने बांद्रा पश्चिम से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद, उन्होंने राज्य की राजनीति में कदम रखा और 2009 में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बने। इस दौरान उनका राजनीतिक और व्यावसायिक प्रभाव और भी बढ़ गया। उनके निर्वाचन क्षेत्र में होने वाली लगभग हर बड़ी रियल एस्टेट परियोजना में उनकी भागीदारी जरूरी मानी जाती थी। 1999, 2004 और 2009 में बाबा सिद्दीकी ने कांग्रेस के टिकट पर तीन बार विधानसभा चुनाव जीते। उनकी बॉलीवुड में भी अच्छी खासी पैठ थी। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) जॉइन की थी।












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