बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में अबतक क्या-क्या हुआ? आरोपियों की पहचान से लेकर जांच तक, जानें 10 बड़े अपडेट्स
Baba Siddique Case Row: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और अजित पवार गुट के एनसीपी (NCP, Ajit Pawar) के नेता बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique Murder) की 12 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने 3 में से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक अभी भी फरार है। गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से एक, धर्मराज कश्यप ने नाबालिग होने का दावा किया था।
उसके पास से बरामद आधार कार्ड और उसकी उम्र 19 साल होने के बाद भी उसके नाबालिग होने के दावों पर अदालत ने अस्थ परीक्षण (Ossification Test) के लिए भेजा था। इस जांच से यह साफ हो गया है कि कश्यप नाबालिग नहीं हैं।
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पुलिस ने रविवार को अदालत द्वारा आदेशित कश्यप के हड्डी के ऑसिफिकेशन टेस्ट के बाद कहा कि उसके नाबालिग होने के दावे गलत हैं। आरोपी को बाद में अदालत में पेश किया गया और कोर्ट ने उसे 21 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। बता दें, अस्थि परीक्षण यानी ऑसिफिकेशन टेस्ट एक चिकित्सा प्रक्रिया है जो व्यक्ति की उम्र निर्धारित करने के लिए की जाती है। हालांकि, ये परीक्षण सबसे सटीक नहीं माने जाते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने के दावे और सोशल मीडिया पर गैंग के नाम से वायरल पोस्ट में बाबा सिद्दीकी के मौत की जिम्मेदारी ली गई है। साथ ही साथ उसके माध्यम से सलमान खान को धमकी भी दी गई है। इस मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने गैलेक्सी अपार्टमेंट्स, जो अभिनेता सलमान खान का घर है, की सुरक्षा बढ़ा दी है।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के अहम पहलु
मुंबई के एस्प्लेनेड कोर्ट ने कश्यप पर अस्थि परीक्षण का आदेश दिया था। मुंबई पुलिस ने कहा, "उनके (धर्मराज कश्यप के) वकील ने दावा किया कि वह नाबालिग है। परीक्षण किया गया और पुष्टि हुई कि वह नाबालिग नहीं है। उसे अदालत में पेश किया गया और अदालत ने पुलिस हिरासत 21 अक्टूबर तक दी है।"
इससे पहले, बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में एक अन्य आरोपी, गुरमैल सिंह को 21 अक्टूबर तक मुंबई क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेजा गया था। तीसरा शूटर, जिसकी पहचान शिवकुमार के रूप में हुई है, फरार है। रविवार को पुलिस ने पुणे से इस सनसनीखेज हत्या मामले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया। प्रवीण लोंकर (28 साल) धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम का कथित संचालक था।
2 पिस्तौल और 28 जिंदा कारतूस बरामद
एक अधिकारी ने कहा, एक पुलिस कांस्टेबल सिद्दीकी की सुरक्षा कर रहा था जब उन्हें कई गोली मारी गई थी। उन्होंने आगे बताया कि दो पिस्तौल और 28 जिंदा कारतूस दो आरोपियों, गुरमैल सिंह (23) और कश्यप (19) के पास से बरामद किए गए। कश्यप और शिवकुमार यूपी के बहराइच जिले से हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। गुरमैल सिंह हरियाणा से है और जमानत पर बाहर है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली हत्या की जिम्मेदारी
रविवार को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के एक सदस्य ने बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि हमला इसलिए किया गया क्योंकि राजनेता के अभिनेता सलमान खान के साथ करीबी संबंध थे। पुलिस पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। इस साल की शुरुआत में सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी के पीछे लॉरेन्स बिश्नोई गिरोह था। पंजाबी गायक-गीतकार सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी इसी गैंग ने की थी।
सीएम शिंदे ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, "बाबा सिद्दीकी की हत्या की कल की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुंबई पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, एक यूपी से और दूसरा हरियाणा से है। तीसरा आरोपी फरार है... उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कोई भी हों, चाहे वह बिश्नोई गैंग हो या कोई अंडरवर्ल्ड गैंग। सख्त कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें धमकियां मिल रही हैं उन्हें पर्याप्त सुरक्षा कवर मिलेगा।
सरकार और विपक्ष के बीच शुरू हुई शब्दों की जंग
बाबा सिद्दीकी की हत्या ने सरकार और विपक्ष के बीच शब्दों की जंग छेड़ दी है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अपने नेताओं की रक्षा करने में विफल रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर कहा, "यह एक सरकार है जो अपने अंतिम चरण में है। इसके साथ ही, इसके बाहर होने की उलटी गिनती शुरू हो गई है।"
विपक्ष ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा
राहुल गांधी ने कहा कि हत्या ने राज्य में कानून और व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता को उजागर किया है। गांधी ने एक्स पर लिखा, "बाबा सिद्दीकी जी का दुखद निधन चौंकाने वाला और दुखदायी है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। यह भयावह घटना महाराष्ट्र में कानून और व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता को उजागर करती है। सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, और न्याय होना चाहिए।"
शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिंदे सरकार के हर कदम को संदेह की नजर से देखा जा रहा है। शरद पवार, जिनकी एनसीपी (एसपी) एमवीए का एक अन्य सहयोगी दल है, ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदारी लेने और शासकों को पद छोड़ने की आवश्यकता है।
'संवेदनशील मुद्दों पर असंवेदनशील टिप्पणी'
बीजेपी प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि सेना (यूबीटी) और कांग्रेस के नेता इस घटना पर "बहुत ही छोटी बातें" कर रहे हैं। उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए कहा, "बाबा सिद्दीकी एक महान इंसान थे। उनकी हत्या से हम सभी दुखी हैं। उनकी हत्या में शामिल दो लोगों को पकड़ा गया है और यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि इसके पीछे कौन था।"
वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी विपक्षी नेताओं की आलोचना की और कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर "असंवेदनशील टिप्पणी करना" उनके लिए सही नहीं है।
रविवार को बाबा सिद्दीकी को किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बाबा सिद्दीकी की शनिवार रात मुंबई के निर्मल नगर में उनके कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह पटाखे फोड़ रहे थे। उन्हें कई गोलियां लगीं। रविवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सलमान खान उन कई प्रमुख हस्तियों में से एक थे जिन्होंने बांद्रा में पीड़ित के घर जाकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।
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