Ashadhi Ekadashi 2021: पत्नी के साथ सीएम उद्धव ठाकरे ने की भगवान विठ्ठल की पूजा
मुंबई, 20 जुलाई। आज देवशयनी एकादशी है जिसे कि लोग अषाढ़ी एकादशी भी कहते हैं। आज के पावन पर्व पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पत्नी समेत पंढरपुर में स्थित विठ्ठल मंदिर में पूजा अर्चना की और देश की सुख-शांति के लिए प्रभु से प्रार्थना की।

कौन हैं भगवान विठ्ठल?
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भगवान विठ्ठल को भगवान विष्णु और कृष्ण का अवतार माना जाता है, जिनकी प्रमुख रूप से पूजा महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना और आन्ध्रा में होती हैं। महाराष्ट्र के पंढरपुर में विट्ठलका मुख्य मंदिर हैं, इनकी पत्नी का नाम रखुमाई है। पंढरपुर को भक्त 'भु-वैकुंठ' (पृथ्वी पर विष्णु के निवास की जगह) मानते हैं, आस्था के मानक इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि भगवान विठ्ठल के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता है।

देवशयनी एकादशी का महत्व
हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी का बड़ा महत्व है, कहीं-कहीं इस दिन को 'पद्मनाभा' भी कहते हैं। सूर्य के मिथुन राशि में आने पर ये एकादशी आती है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है यानी कि इस दिन से भगवान विष्णु आराम करने के लिए क्षीर सागर में चले जाएगें, यह अवधि चार महीने की होती है , जिसके साथ ही हर तरह से शुभ या मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है।
चार महीने नहीं होगा कोई शुभ काम
पूरे चार महीने बाद तुला राशि में सूर्य के जाने पर उन्हें उठाया जाता है, उस दिन को 'देवोत्थानी एकादशी' कहा जाता है, दोनों के बीच के अंतर वाले माह को 'चातुर्मास' कहते हैं। इन चार महीनों में कोई भी शुभ काम नहीं होता है।












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