'10 हजार रुपये और 1 बाइक',अमरावती के केमिस्ट की हत्या के लिए हत्यारों को मिली इतनी सुपारी, पुलिस ने किए खुलासे
'10 हजार रुपये और एक बाइक',अमरावती के केमिस्ट की हत्या के लिए हत्यारों को मिली इतनी सुपारी, पुलिस ने किए खुलासे
मुंबई, 05 जुलाई: भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट साझा करने के लिए 21 जून को महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने कई खुलासे किए हैं। पुलिस ने कहा है कि महाराष्ट्र के अमरावती में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या को अंजाम देने के लिए हत्यारों को एक मोटरसाइकिल और 10,000 रुपये मिले थे। यानी सुपारी के तौर पर उमेश कोल्हे की हत्या के लिए हत्यारों को 10 हजार रुपये और एक बाइक दी गई थी। वहीं इस मामले में ये भी खुलासा हुआ है कि उमेश कोल्हे अकेले नहीं थे, जो जिहादी गिरोहों के रडार पर थे।

'सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से हुई थी अमरावती में केमिस्ट की हत्या'
पुलिस ने यह भी कहा कि वे जानते हैं कि 21 जून को अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी थी, जो निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा का समर्थन में थी। पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "लेकिन हमने मामले की बहुत संवेदनशील प्रकृति के कारण उस सोशल मीडिया पोस्ट के लिंक का खुलासा नहीं किया है।''

21 जून की रात चाकू से गोदकर हई अमरावती केमिस्ट की हत्या
अमरावती केमिस्ट उमेश पर कथित तौर पर 21 जून को रात 10 बजे से 10:30 बजे के बीच तीन लोगों के एक समूह ने चाकू से हमला किया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
54 वर्षीय उमेश कोल्हे पर हमला मोटरसाइकिल पर सवार लोगों ने किया था। उस वक्त उमेश अपने घर जा रहे थे। यह राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की घटना के एक हफ्ते पहले की है। राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की भी हत्या नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने को लेकर हुई थी।

पुलिस ने 7 आरोपी को किया गिरफ्तार, शमीम अहमद की है तलाश
एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अमरावती के केमिस्टच उमेश कोल्हे की हत्या के सभी सात आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस मामले में एक और संदिग्ध शमीम अहमद की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि एनआईए ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें अमरावती अदालत में पेश करने के बाद सोमवार को चार दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया था।

इरफान शेख है हत्या का मास्टरमाइंड
इस हत्या को अंजाम देने और पूरी प्लानिंग कथित तौर पर इरफान शेख ने की थी। गिरफ्तार सात आरोपियों में से वो भी है। पुलिस ने कहा कि यह इरफान शेख ने ही, पांच हत्यारों को पैसे और बाइक दी थी। आयुक्त ने इन आरोपों का खंडन किया कि जिसमें दावा किया जा रहा था कि एनआईए को केस देने से पहले पुलिस इस मामले को लेकर सुस्त थी। उन्होंने कहा, "सांसद (नवनीत कौर राणा) झूठे आरोप लगा रही हैं, क्योंकि मैंने कुछ दिन पहले उनके पति रवि राणा के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था।"

और भी लोग हैं जिहादी गिरोहों के रडार
पुलिस आयुक्त ने आगे कहा कि इसी तरह के सोशल मीडिया पोस्ट पर तीन अन्य लोगों को धमकियां मिलीं। लेकिन केवल एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज की, अन्य दो आगे आने को तैयार नहीं हैं।" इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे कई लोग थे जिन्हें पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए गिरोह से जान से मारने की धमकी मिली थी।

हत्या के 10 दिन में NIA को सौपीं गई केस
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को हत्या के लगभग 10 दिन बाद इस केस को सौंप दिया है। स्थानीय भाजपा इकाई ने पुलिस पर राजनीतिक कारणों से मामले को दबाने का आरोप लगाया था। स्थानीय भाजपा सांसद नवनीत कौर राणा ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन राज्य सरकार पर सीधा सवाल उठाया था, उन्होंने कहा था कि अब दो हफ्ते की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में है। नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि हत्या एक "राष्ट्रीय मुद्दा" है।












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