कागज नहीं जले, ब्लैक बॉक्स कैसे जल गया? रोहित पवार ने अजित पवार की मौत को बताया साजिश, उठाए ये सनसनीखेज सवाल
Ajit Pawar plane crash: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में प्राइवेट प्लेन क्रैश दुर्घटना में निधन हो गया। लगभग तीन सप्ताह बाद भी प्लेन क्रैश किस वजह से हुआ ये राज ही बना हुआ है। जहां एक ओर अजित पवार की पत्नी उपमुख्मयंत्री सुनेत्रा पवार ने इस दुर्घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं एक बार फिर दिवंगत अजित पवार के भतीजे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक रोहित पवार ने संदेह जताया है कि ये दुर्घटना नहीं बल्कि अजित पवार की हत्या की साजिश थी।
अजित पवार की मौत पर लगातार सवाल उठा रहे रोहित पवार ने एक प्रेस कान्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने दुर्घटना पर गंभीर संदेह व्यक्त करते हुए इसे साजिश करार दिया है। उन्होंने प्लेन क्रैश दुर्घटना का ब्यौरा देते हुए कुछ सबूत पेश किए और कई पहलू उजागर करते हुए सनसनीखेज सवाल उठाए हैं?

अजित पवार के प्लेन में ज्यादा फ्यूल कैन क्यों रखे गए?
दुर्घटना के एक नए वीडियो में बड़ा विस्फोट दिख रहा है। पवार ने आरोप लगाया कि विमान में अवैध अतिरिक्त फ्यूल के डिब्बे थे। मुंबई से उड़ान भरते समय टैंक पूरा भरा था, जबकि ईंधन बाद में भी भरा जा सकता था। उनका मानना है कि अतिरिक्त ईंधन की वजह से ही विस्फोट अधिक तीव्र था।
अजित पवार का प्लेन जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त किया गया
रोहित पवार ने 28 जनवरी की घटना की जांच को अनुचित बताते हुए पवार ने पायलट पर जानबूझकर विमान गिराने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने पूछा, इतने ईंधन के साथ धुंध में बारामती जाने का क्या औचित्य था, जब विमान को मुंबई वापस लाया जा सकता था? उनके अनुसार, विमान में आठ अतिरिक्त ईंधन टैंक थे, फिर भी उसे जानबूझकर उतारा गया।
कागज नहीं जले तो ब्लैक बॉक्स कैसे जल गया?
ब्लैक बॉक्स के जलने को भी पवार ने जानबूझकर की गई हेराफेरी बताया। उन्होंने तर्क दिया कि ब्लैक बॉक्स 11 डिग्री सेल्सियस पर ही क्षतिग्रस्त होता है, पर 6000 मीटर गहरे पानी में भी सुरक्षित रहता है, जबकि दुर्घटनास्थल पर कागजात भी नहीं जले थे। पिछली दुर्घटनाओं में ब्लैक बॉक्स हमेशा सुरक्षित मिले हैं।
इन दो पायलट को क्यों अजित पवार का प्लेन उड़ाने दिया गया?
VSR कंपनी पर लापरवाही का आरोप है। रोहित पवार के अनुसार, पायलटों (रोहित सिंह, सुमित कपूर) को 'लेगेसी' व 'लीयरजेट' जैसे अलग-अलग विमानों का उचित ट्रेनिंग दिए बिना ही दोनों उड़ाने को दिए गए। साथ ही, बीए (ब्रेथ एनालाइजर) टेस्ट नियमित नहीं थी और अक्सर उड़ान से पहले भी नहीं होती थी।
अजित पवार को खराब विमान क्यों उपलब्ध कराया गया?
विमान की गारंटी अवधि समाप्त हो चुकी थी। पवार ने बताया कि VSR इसे तय सीमा से अधिक उड़ा रही थी। जिस विमान में अजित पवार बैठे थे, वह 5915 घंटे उड़ चुका था और उसकी इंजन लाइफ में केवल 85 घंटे शेष थे। उन्होंने सवाल किया कि जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को ऐसा खराब विमान क्यों उपलब्ध कराया गया।
हादसे के बाद क्यों डिलीट किया मैसेज?
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे कुछ लोग VSR कंपनी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सीबीआई जांच की पुरजोर मांग की, जिसमें विपक्षी नेता, उनके परिवार के सदस्य और एक न्यायाधीश शामिल हों। पवार ने अजित पवार के दुर्घटना से ठीक पहले का एक ट्वीट मैसेज कुछ मिनट में डिलीट होने पर भी सवाल उठाया।
अजित पवार के प्लेन क्रैश हादसे के पीछे क्या है राजनीति?
पवार ने इस 'दुर्घटना' के पीछे राजनीतिक साजिश का इशारा किया। उन्होंने पायलट रोहित सिंह की शादी में महाराष्ट्र व टीडीपी के कुछ प्रमुख नेताओं की उपस्थिति को VSR को मिली कथित ढील से जोड़ा। पवार ने दो संभावनाएं जताईं: अजित पवार का एनडीए के साथ विलय या सत्ता से बाहर निकलना, जिससे एक असंतुष्ट गुट नाराज हो सकता था।












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