Flashback 2022: महराजगंंज को इस साल मिली जंगल सफारी की सौगात,यह बड़ी उपलब्धियां रही नाम
महराजगंज जिले ने साल 2022 में खास उपलब्धियां हासिल की। इनमें प्रमुख रुप से जनसमस्याओं के निस्तारण प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करना रहा।

Mahrajganj News: साल का आखिरी माह चल रहा है। महराजगंज जिले के लिए यह साल कुछ अच्छी सौगात व बड़ी उपलब्धियां लेकर आया। एक तरफ जहां सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में जंगल सफारी की शुरुआत हुई वहीं जनसमस्याओं के निस्तारण व 75 जिले,750निकाय के तहत जिले के चौक नगर पंचायत को प्रदेश में पहला स्थान मिला। इसके साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के साथ आपसी संबंध में मजबूती देखने को मिली।सीमावर्ती क्षेत्र को वृहद रुप में विकसित करने का काम किया गया है।

जंगल सफारी
इस साल जंगल सफारी के रुप में जिले को एक बड़ी सौगात मिली। पर्यटन को बढ़ावा देने के क्रम में यहां के सोहगीबरवां वन्य जीव अभ्यारण्य में जगंल सफारी की शुरुआत की गयी है। करीब 34 किलोमीटर के जंगल का सफर रोमांच से भरा है। दो रूटों पर सफारी का रोमांच लिया जा सकता है। 12 किलोमीटर के पहले रूट की शुरूआत चौक से होगी। कुसमहवा, रामग्राम, सोनाड़ी देवी मंदिर होते हुए वापस चौक आते हैं।
दूसरा रूट 22 किलोमीटर का होगा, जो चौक से प्रारंभ होकर कुसमहवा, 24 वनटांगिया, ट्रामवे चौराहा, मधवलिया, सिंगरहना होते हुए वापस चौक पहुंचता है।

नगर पंचायत चौक को प्रदेश में प्रथम स्थान
महराजगंज जिले को साल के अंत में एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। इस जिले के नगर पंचायत चौक को 75 घण्टे, 75 जिले, 750 निकाय अभियान के तहत पूरे प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ नगर पंचायत के रुप में चुना गया है। चौक नगर पंचायत के वार्ड नंबर-01 अंबेडकर नगर में जीवीपी (गार्बेज वल्नरेबल पॉइन्ट) को खूबसूरत पार्क के रूप में विकसित किया गया था।

जनशिकायतों के निस्तारण में प्रदेश में प्रथम
महराजगंज जिले को इसी साल आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ था। इसमें आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) में सीएम हेल्पलाइन, तहसील दिवस, पीजी पोर्टल, सहित विभिन्न माध्यमों से आने वाली शिकायतों को शामिल किया गया था।

देवदह में खुदाई
गौतम बुद्ध से जुड़े स्थान जिले के देवदह व रामग्राम की वर्तमान समय में पुरातत्व विभाग द्वारा खुदाई व सर्वे चल रहा है। माना जाता है कि बुद्ध ने अपने बचपन के कुछ साल देवदह में बिताए थे और यह उनकी मां माया देवी और चाची महाप्रजापति गौतमी की जन्मभूमि है।

पर्यटन को मिला बढ़ावा
इस समय महराजगंज में कई प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कर उन्हें पर्यटन के रुप में विकसित किया जा चुका है। लेहड़ा देवी,सोनारी देवी सहित कई मंदिर इसमें शामिल हैं।
इसी प्रकार कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यों ने महराजगंज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाई है।
भारत-नेपाल सीमा पर विकास कार्य
वर्तमान समय में महराजगंज के सोनौली व झुलनीपुर सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए है। यहां बाजार,जिम,स्कूल,पार्क,मॉल विकसित हो रहे है। भविष्य में सोनौली में एयरपोर्ट खाेलने की घोषणा हो चुकी है।












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