UP: अगर आप भी हैं लोक कलाकार तो योगी सरकार की इस योजना का उठाएं लाभ, यहां करें आवेदन
Maharajganj News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लोक कलाकारों, कीर्तन, भजन मंडलियों, सांस्कृतिक मंडलियों के लिए खास पहल की है। इसके तहत अब इन्हें स्थानीय मेलों, पर्व, उत्सवों में मंच प्रदान किया जाएगा। ताकि इन्हें विलुप्त होने से बचाया जा सके। इसके लिए सरकार ने कुछ गाइडलाइन भी जारी की है। इसी गाइडलाइन के हिसाब से आवेदन किया जाएगा।
जिला सूचना अधिकारी महराजगंज प्रभाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि कीर्तन,भजन मंडलियों,पौराणिक एवं सांस्कृतिक मंडलियों के सांस्कृतिक महत्व व संरक्षण के आभाव में इनके विलुप्त होने के संकट को देखते हुए संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इनके संरक्षण के उद्देश्य से इन मंडलियों के अभिलेखीकरण की परियोजना संचालित की गई है।

इस संदर्भ में कलाकारों के अभिलेखीकरण हेतु आनलाइन पंजीकरण की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करायी गई है, जो विभाग के वेबसाइट पर https://upculture.up.nic.in/hi उपलब्ध है। कीर्तन,भजन मण्डलियों,पौराणिक एवं सांस्कृतिक आयोजक मण्डलियों का पंजीकरण https://turalevents.in/home/tration पोर्टल पर निःशुल्क किया जा सकता है।
पंजीकृत कलाकारों और मण्डलियों को स्थानीय मेलों, तीज त्यौहारों एवं अन्य विभिन्न अवसरों पर संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जायेगा। कीर्तन-भजन मण्डलियों पौराणिक एवं सांस्कृतिक आयोजक मण्डलियों के पंजीकरण हेतु निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा-
- कीर्तन-भजन मण्डलियों पौराणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में से जिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का पंजीकरण होना है, उसका स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
- मण्डली दल कम से कम 5 वर्ष पुराने होने चाहिए।
- मण्डली या दल को कम से कम (प्राइवेट व सरकारी मिलाकर) 10 कार्यक्रम किये जाने का अनुभव होना चाहिए, जिसका प्रमाण पत्र संबंधित ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्तुत किया जाये।
- मण्डली या दल यदि किसी मंदिर या संस्था से सम्बद्ध है तो वहां के प्रबंधक व संयोजक का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाये।
- मण्डली या दल द्वारा सरकारी विभागों में कार्यक्रम करने की स्थिति में सम्बन्धित विभागों से प्रमाण पत्र अथवा कार्यादिश प्रस्तुत किया जाये।
- मण्डलीय या दल द्वारा भजन कीर्तन की भक्तिधारा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाये।
- मण्डली या दल में न्यूनतम 26 सदस्य हो लेकिन अधिकतम की सीमा ना रखी जाये। 25 सदस्यों तक भी हो सकते हैं, जिनके नामों का उल्लेख पोर्टल पर स्पष्ट रूप से किया जाये।
- मण्डली या दल का पंजीयन ऑनलाइन व जिला पर्यटन संस्कृति परिषद द्वारा ऑफलाइन कैम्प लगाकर भी कराया जाये।












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