MP News: केंद्रीय बजट 2025 से मध्य प्रदेश की कौन सी योजनाओं को मिलेगी वित्तीय सहायता, जानिए पूरी जानकारी
MP News Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 का बजट पेश करते हुए देशभर में स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की है, जिसका लाभ मध्यप्रदेश को भी मिलने की उम्मीद है।
आगामी पांच वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में 75,000 नई सीटें जोड़ी जाएंगी, और मध्य प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ आने वाले समय में नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।

मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा का विस्तार
केंद्रीय बजट के अनुसार, अगले एक साल में मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 21 हो जाएगी। इसके तहत 12 नए मेडिकल कॉलेज खुलने से राज्य को 2,000 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी, जिससे राज्य के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में काफी सुधार होगा। यह कदम चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ावा देने का है।
कैंसर सेंटर और डे केयर सेंटर की योजना
बजट में अगले तीन सालों में हर जिले में कैंसर सेंटर खोलने की योजना की घोषणा की गई है, जिससे मध्यप्रदेश को भी एक कैंसर सेंटर मिलने की संभावना है। इसके अलावा, देशभर में 200 डे केयर सेंटर खोले जाएंगे, और मप्र को भी इनमें से कुछ सेंटर मिल सकते हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम योगदान करेंगे। यह कदम खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के इलाज में सहारा देने के लिए अहम होगा।
राज्य को मिलने वाली केंद्रीय सहायता
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए मध्य प्रदेश को सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से 2,800 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसके अलावा, इस वित्तीय वर्ष में MP को करीब 12,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट भी मिलेगा। केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा बढ़ने से मप्र को एक और फायदा होगा। बजट में यह राशि 95,753 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,000 करोड़ रुपए हो गई है और अगले वर्ष 2025-26 में यह राशि 1,11,661 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है। यह राशि राज्य के विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए सहायक सिद्ध होगी।
लाड़ली बहना योजना और विशेष केंद्रीय सहायता
मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा विशेष सहायता मिलने से राज्य की वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। मप्र की लाड़ली बहना योजना जैसे मुफ्त योजनाओं के चलते हर माह करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए का खर्च राज्य सरकार पर पड़ रहा है। केंद्रीय बजट में मप्र को अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मिलने की संभावना जताई गई है, जो राज्य के पूंजीगत कार्यों में मददगार साबित होगी। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विशेष केंद्रीय सहायता के तहत 12,000 करोड़ रुपए मिलने की संभावना है, जो आने वाले वर्षों में निरंतर जारी रह सकती है।
कर्ज की सुविधा और बिजली कंपनियों को सहायता
केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण पर अतिरिक्त कर्ज लेने की सुविधा भी प्रदान की है। यह कर्ज एफआरबीएम (फाइनेंशियल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट) की तीन प्रतिशत की लिमिट से 0.5% ज्यादा होगा। इसके साथ ही बिजली कंपनियों की स्थिति मजबूत करने के लिए राज्यों को जीएसडीपी (ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट) का 0.5% अतिरिक्त कर्ज लेने की सुविधा दी जाएगी, जिससे राज्य बिजली क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दे सकेगा।
आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर
भारत को फूड बॉस्केट बनाने के लक्ष्य के साथ-साथ युवाओं को रोजगार देने के लिए भी योजनाएं बनाई गई हैं। मध्य प्रदेश को इन योजनाओं से भी केंद्र से अतिरिक्त सहायता मिल सकती है, जिससे राज्य में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और रोजगार सृजन के क्षेत्र में विकास होगा।
आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 योजना
केंद्रीय बजट में सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 योजना की घोषणा की गई है, जो मध्यप्रदेश के 8 आकांक्षी जिलों में लागू होगी। खासतौर पर किशोरी बालिकाओं के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे राज्य के पोषण कार्यक्रमों को और मजबूत किया जा सकेगा।
पीएम धन धान्य योजना
देश के 100 जिलों में पीएम धन धान्य योजना लागू होगी, और इसमें मप्र के कुछ जिलों को शामिल किए जाने की संभावना है। यह योजना किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार करने और कृषि क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
अर्बन चैलेंज फंड
मध्यप्रदेश को अर्बन चैलेंज फंड से एक लाख करोड़ रुपये मिलेंगे, जो शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए महत्वपूर्ण होंगे। यह फंड राज्य के शहरी क्षेत्रों की अवस्थिति में सुधार और उन्हें विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
पीएम स्वनिधि योजना से लाभ
मध्यप्रदेश के पंजीकृत 12 लाख स्ट्रीट वेंडरों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभ मिलेगा। यह योजना वेंडरों को व्यवसायिक कार्यों के लिए ऋण प्रदान करने का लक्ष्य रखती है, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार हो सकेगा।
जल जीवन मिशन का विस्तार
मध्यप्रदेश के 36 लाख घरों में नल से जल पहुंचाने की उम्मीद अब और बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की मियाद 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है, जिससे मध्यप्रदेश को अतिरिक्त 20 हजार करोड़ रुपये मिल सकते हैं। यह धनराशि राज्य के जल आपूर्ति योजनाओं को तेजी से लागू करने में सहायक होगी।
केन-बेतवा और पीकेसी परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता
मध्यप्रदेश की केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ परियोजनाओं के लिए केंद्रीय बजट में 2400 करोड़ रुपये की विशेष राशि रखी गई है। इससे मध्यप्रदेश को जल आपूर्ति और सिंचाई सुविधाओं में सुधार लाने के लिए मदद मिलेगी।
स्टार्टअप के लिए नई सुविधाएं
केंद्र सरकार ने स्टार्टअप के लिए कर्ज सीमा को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का ऐलान किया है। मध्यप्रदेश में करीब 30,000 स्टार्टअप्स हैं, जिन्हें इस सुविधा का फायदा मिलेगा।
नए एयरपोर्ट और एयर रूट्स
केंद्र सरकार ने अगले 10 सालों में 120 नए एयरपोर्ट और एयर रूट्स बनाने का लक्ष्य रखा है, और मप्र के कुछ प्रमुख शहरों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है। यह राज्य में हवाई यातायात को बढ़ावा देने और पर्यटन को सशक्त बनाने में मदद करेगा।
सस्ते मकान और सबको घर की योजना
केंद्र सरकार की योजना के तहत 50,000 सस्ते मकान उपलब्ध कराए जाएंगे, और सभी को आवास प्रदान करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय राशि जारी की जाएगी। इससे राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को घर मिल सकेगा।
मध्यप्रदेश के कृषि क्षेत्र में वृद्धि
मध्यप्रदेश दलहन और तिलहन के उत्पादन में बाकी राज्यों से आगे है। बजट में तुअर, उड़द और मसूर के उत्पादन के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है, जिसका सबसे ज्यादा फायदा मप्र को मिलेगा। राज्य में नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से पूरी फसल की खरीददारी होगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2025 ने मध्यप्रदेश के लिए कई क्षेत्रों में अहम घोषणाएं की हैं, जिनका सीधा असर राज्य के विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा। यह योजनाएं राज्य के समग्र विकास को बढ़ावा देने और नागरिकों की जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए सहायक सिद्ध होंगी।












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