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MP News: डेढ़ लाख शिक्षकों का इंतजार खत्म, चौथा समयमान वेतनमान जल्द; कैबिनेट की मंजूरी बाकी

MP News: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों का चौथे समयमान वेतनमान का लंबा इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। वित्त विभाग ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है, और अब यह प्रस्ताव मुख्य सचिव के माध्यम से कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है।

कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही शिक्षकों को 3,000 से 7,000 रुपये तक का मासिक आर्थिक लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह निर्णय 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों के लिए वरदान साबित होगा, खासकर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, और उज्जैन जैसे जिलों में, जहां बड़ी संख्या में पात्र शिक्षक कार्यरत हैं।

wait of 1 5 lakh teachers is over in mp fourth time scale pay scale soon Cabinet approval awaited

दो साल पुरानी घोषणा

2023 विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए चौथा समयमान वेतनमान देने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद वित्त विभाग ने कई विभागों के लिए आदेश जारी किए, और पुलिस, वन, और प्रशासनिक सेवाओं के कर्मचारियों को इसका लाभ मिला। हालांकि, स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों को यह लाभ नहीं मिल सका। विभाग ने क्रमोन्नति (ACP) का हवाला देकर शिक्षकों को इस योजना से वंचित रखा, जिससे शिक्षक संघों में नाराजगी फैल गई।

राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा, "2023 में सीएम की घोषणा के बाद हमें उम्मीद थी, लेकिन क्रमोन्नति के नाम पर शिक्षकों को वेतनमान से वंचित किया गया। हमने लगातार आंदोलन और मांग उठाई, जिसके बाद अब वित्त विभाग ने सही दिशा में कदम उठाया है।

वित्त विभाग से कैबिनेट तक

स्कूल शिक्षा विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के निर्देशों के आधार पर मार्च 2025 में वित्त विभाग को चौथे समयमान वेतनमान का प्रस्ताव भेजा था। वित्त विभाग ने दो महीने की जांच के बाद इस प्रस्ताव को 28 मई 2025 को मंजूरी दे दी। अब स्कूल शिक्षा विभाग इसे मुख्य सचिव के माध्यम से कैबिनेट में भेजने की तैयारी कर रहा है। शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "कैबिनेट की अगली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। मंजूरी मिलते ही जुलाई 2025 से शिक्षकों को लाभ मिलना शुरू हो सकता है।"

चौथा समयमान वेतनमान, क्या और क्यों?

चौथा समयमान वेतनमान एक ऐसी योजना है, जो 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को दी जाती है। इसका उद्देश्य उन कर्मचारियों को आर्थिक लाभ देना है, जिन्हें लंबी सेवा के बावजूद पदोन्नति नहीं मिल पाई। 2023 में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने पदोन्नति पर रोक और सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरक्षण मामले के कारण इस योजना को लागू किया था।

वित्त विभाग के अनुसार

  • लाभ: 35 वर्ष की सेवा पर चौथा वेतनमान।
  • प्रभाव: वेतन में 2,000-14,000 रुपये की वृद्धि, पेंशन में भी लाभ।
  • लागत: 250 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार।
  • शिक्षकों के लिए यह लाभ प्राथमिक, माध्यमिक, सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, और प्रधानाध्यापक संवर्गों में लागू होगा।

आर्थिक लाभ, कितना और किसे?

चौथे समयमान वेतनमान से शिक्षकों को 3,000 से 7,000 रुपये तक का मासिक लाभ होने का अनुमान है। स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, निम्नलिखित संवर्गों को लाभ मिलेगा:

  • पद संभावित लाभ (रु.) संभावित शिक्षक संख्या
  • प्राथमिक शिक्षक 3,000 तक 40,000
  • माध्यमिक शिक्षक 3,000-4,500 52,000
  • सहायक शिक्षक 4,000-5,000 20,000
  • उच्च श्रेणी शिक्षक 5,000-7,000 10,000
  • प्रधानाध्यापक 6,000-7,000 10,000
  • कुल: 1,50,000+ शिक्षक लाभान्वित।

यह लाभ 7वें वेतनमान के आधार पर लागू होगा, जिसमें ग्रेड पे और वेतन स्तर के अनुसार वृद्धि होगी।

  • इंदौर सबसे आगे, अन्य शहरों का योगदान
  • विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, और उज्जैन में सबसे ज्यादा शिक्षक चौथे समयमान वेतनमान के पात्र हैं। इंदौर में 15,000 से अधिक शिक्षक, भोपाल में 12,000, ग्वालियर में 10,000, जबलपुर में 9,000, और उज्जैन में 8,000 शिक्षक इस योजना के दायरे में आते हैं।

शिक्षक संघों की प्रतिक्रिया

शिक्षक संघों ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन इसे लागू करने में देरी पर नाराजगी भी जताई। मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के महासचिव रामकिशोर तिवारी ने कहा, "2023 में घोषणा के बाद दो साल की देरी हुई। अब कैबिनेट जल्द मंजूरी दे, ताकि शिक्षकों को जुलाई 2025 से लाभ मिले।"

आजाद शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पटेल ने कहा, "यह शिक्षकों के लंबे संघर्ष का परिणाम है। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद अब मुख्यमंत्री मोहन यादव से उम्मीद है कि वे इसे जल्द लागू करेंगे।"

चौथे समयमान वेतनमान का मुद्दा 2023 विधानसभा चुनाव में बड़ा था। भाजपा ने इसे लागू करने का वादा किया था, जिसे अब मोहन यादव सरकार पूरा करने जा रही है। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को उठाया था। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "शिक्षकों को उनका हक देर से मिल रहा है। कांग्रेस ने हमेशा शिक्षक हित की बात की। हम चाहते हैं कि इसे जल्द लागू किया जाए।"

भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने जवाब दिया, "मोहन यादव सरकार शिक्षकों के हित में प्रतिबद्ध है। चौथा वेतनमान इसका सबूत है।"

चुनौतियां और भविष्य

  • कैबिनेट मंजूरी: जून 2025 की कैबिनेट बैठक में देरी हो सकती है।
  • वित्तीय बोझ: 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च।
  • लागू करने की प्रक्रिया: वेतन गणना और अरियर्स में समय लग सकता है।
  • अन्य मांगें: पुरानी पेंशन और क्रमोन्नति की मांग बाकी।
  • राजनीतिक विश्लेषक प्रो अनिल त्रिवेदी ने कहा, "चौथा समयमान वेतनमान शिक्षकों के लिए बड़ी राहत है। यह 2028 चुनाव में भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन लागू करने की गति महत्वपूर्ण होगी।"
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