सहकारी अधिकारी-कर्मचारी की मंत्री सारंग ने की बैठक, कहा- अपने कर्त्तव्यों का पूरी ईमानदारी से करें निर्वहन
MP News: सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारी आंदोलन में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपने कर्त्तव्यों एवं दायित्वों का पूरी लगन एवं निष्ठा से निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि इससे आपको किए गए काम से संतोष मिलेगा। यह बाते मंत्री सारंग ने अपेक्स बैंक मुख्यालय के समन्वय भवन में सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि राज्य का सहकारी आंदोलन किसानों, मजदूरों, गरीबों और कमजोर वर्गों के उत्थान की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसलिए सभी को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने निरंतर नवाचार और कार्य की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रयास करने के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि लगातार प्रयासों से बेहतर परिणाम मिलते हैं।

मंत्री सारंग ने आश्वासन दिया कि बैठक में हुई चर्चाओं से निकले निष्कर्षों पर अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने सहकारिता विभाग के सभी संभागों के अधिकारियों की उनके काम के लिए प्रशंसा भी की।
शीर्ष बैंक के प्रबंध निदेशक मनोज गुप्ता ने जिला बैंकों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर फसल एवं किसान पंजीकरण को प्राथमिकता दें। इसमें केसीसी जारी करने के संबंध में "पैक्स कम्प्यूटरीकरण" के लिए बर्ड, लखनऊ के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रधानमंत्री के सहयोग से समृद्धि के मंत्र को साकार करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की गई। इनमें पैक्स का कम्प्यूटरीकरण, जन-औषधि केन्द्रों का संचालन, पेट्रोल-डीजल खुदरा दुकानें, एलपीजी वितरण, एनसीसीएफ और नैफेड पोर्टल पर पीएम किसान समृद्धि केन्द्रों का पंजीकरण और कॉमन सर्विस सेंटर शुरू करना शामिल हैं।
अन्य विषयों पर चर्चा की गई जिसमें 1 जनवरी 2024 से राज्य नवाचार के तहत जिलों में पंजीकृत समितियों की संख्या, पैक्स प्रशासक नियुक्तियां, गृह निर्माण सहकारी संस्था शिकायत निवारण, परिसमापन संस्था पंजीकरण निरस्तीकरण, सीएम हेल्पलाइन लंबित मामलों की जानकारी, सुप्रीम और उच्च न्यायालय में लंबित मामलों के जवाब की स्थिति और मार्च 2024 तक संयुक्त, उप, सहायक आयुक्त न्यायालयों में लंबित मामलों का समाधान शामिल था।
वित्तीय और लेखापरीक्षा स्थिति
जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की गई। जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को प्राप्तियों के साथ-साथ सदस्य स्तर पर अल्पकालीन फसल ऋणों की तुलनात्मक वसूली पर चर्चा की गई। बैंक जमा वृद्धि तथा अल्पकालीन खरीफ एवं रबी ऋणों की जानकारी भी पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत की गई। सहकारी क्षेत्र में प्रभावी कार्यान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इन बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा के साथ बैठक संपन्न हुई।












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