यहां रबर ट्यूब पर बैठकर तय करते हैं मध्य प्रदेश से राजस्थान तक का सफर
गुना में रबर के ट्यूब पर बैठकर ग्रामीण पार्वती नदी को करते है पार
गुना, 27 जुलाई। एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचने के लिए आप बस, ट्रेन या खुद के निजी वाहन से सफर करते होंगे लेकिन हम आपको एक ऐसा मामला बताने जा रहे हैं जिसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे, क्योंकि यहां एक राज्य से दूसरे राज्य तक का सफर तय करने के लिए कोई बस, ट्रेन या निजी वाहन नहीं बल्कि रबर का एक ट्यूब है, जिस पर बैठकर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर मध्य प्रदेश से राजस्थान तक का सफर तय करते हैं।

गुना में करते हैं रबड़ के ट्यूब पर बैठकर जोखिम भरा सफर
मध्य प्रदेश के गुना जिले से राजस्थान जाने के लिए लोग रोजाना अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती नदी बहती है। दोनों तरफ के लोग एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए इसी पार्वती नदी का सहारा लेते हैं। पार्वती नदी के पानी में रबड़ का एक बड़ा ट्यूब डालकर लोग इसके ऊपर बैठ जाते हैं और यही लोग मध्य प्रदेश से राजस्थान की सीमाएं पहुंच जाते हैं और राजस्थान के लोग मध्य प्रदेश की सीमा में पहुंच जाते हैं।

एक रबड़ के ट्यूब पर सवार हो जाते हैं आधा दर्जन से अधिक लोग
पार्वती नदी को पार करने के लिए एक रबड़ के ट्यूब पर आधा दर्जन से अधिक लोग सवार हो जाते हैं और फिर नदी को पार करने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस दौरान पार्वती नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर भी नदी पार कर रहे इन लोगों को नहीं डरा पाता है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस पार से उस पार और उस पार से इस पर जा रहे हैं।

पुराना पुल टूट चुका है और नया पुल बन नहीं पा रहा है
पार्वती नदी पर बना हुआ पुराना पुल कई साल पहले टूट चुका है इसलिए यहां के लोग मजबूरी में रबड़ के ट्यूब की सवारी करके इस पार से उस पार जाते हैं। खास बात ये है कि वन संरक्षित क्षेत्र होने की वजह से यहां नए पुल के निर्माण को मंजूरी नहीं मिल पा रही है। लंबे समय से यहां के लिए पुल की मांग उठ रही है लेकिन नियमों के उलझनों की वजह से यहां पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इस बारे में गुना कलेक्टर फ्रेंक नोबेल का कहना है कि जल्द ही मध्यप्रदेश और राजस्थान राज्यों की सहमति से पुल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को सावधान रहने की भी सलाह दी है।












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