Shivpuri News: बंगाल के हिंदुओं को लेकर शिवपुरी में विहिप और बजरंग दल का प्रदर्शन, ममता बनर्जी का पुतला फूंका
Shivpuri News: पश्चिम बंगाल में हाल ही में सामने आई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं को लेकर मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंकते हुए तीव्र विरोध जताया और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
विहिप कार्यकर्ताओं का कहना है कि बंगाल में हिंदू समुदाय के खिलाफ संगठित और हिंसक गतिविधियां हो रही हैं, जो अब केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।

प्रदर्शन की झलकियां, माधव चौक से कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च
शनिवार दोपहर माधव चौक पर बड़ी संख्या में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने "बंगाल जल रहा है", "हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो", "ममता बनर्जी इस्तीफा दो" जैसे नारे लगाते हुए ममता बनर्जी का पुतला दहन किया। इसके बाद एक विरोध रैली के रूप में जुलूस निकालते हुए कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
Shivpuri News: ज्ञापन में गंभीर आरोप और मांगें
विहिप के जिला मंत्री विनोद पुरी गोस्वामी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि बंगाल के मुर्शिदाबाद, नादिया, बीरभूम, मालदा और उत्तर 24 परगना जिलों में हिंदू समुदाय पर सुनियोजित हमले किए जा रहे हैं। वक्फ संपत्ति कानून के विरोध के नाम पर हिंदू परिवारों के घर जलाए गए, दुकानों को लूटा गया, महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ और कई लोगों की हत्या तक की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि 500 से अधिक हिंदू परिवारों को गांव और कस्बों से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है, क्योंकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस पीड़ितों को सुरक्षा देने में असमर्थ साबित हो रही है।
Shivpuri News: बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठियों पर जताई चिंता
विहिप ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों की बढ़ती जनसंख्या और गतिविधियां इस हिंसा की जड़ में हैं। संगठन का आरोप है कि इन घुसपैठियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और यही कारण है कि बंगाल में सांप्रदायिक सौहार्द पर संकट खड़ा हो गया है।
राष्ट्रपति से की गईं 5 बड़ी मांगें
- विहिप की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में राष्ट्रपति से निम्नलिखित पांच प्रमुख मांगें की गई हैं:
- पश्चिम बंगाल में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए, ताकि कानून व्यवस्था बहाल की जा सके।
- हिंसा की घटनाओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
- राज्य की कानून व्यवस्था का जिम्मा केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपा जाए।
- बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से निष्कासित किया जाए।
- बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर शीघ्र तारबंदी कर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जाए।
लोकल नेताओं की प्रतिक्रियाएं
विहिप जिला मंत्री विनोद पुरी गोस्वामी ने कहा, "बंगाल में हिंदुओं पर हो रही हिंसा निंदनीय है। यह केवल सांप्रदायिक नहीं, बल्कि संगठित आतंकवाद है। ममता सरकार तुष्टिकरण की राजनीति में अंधी हो चुकी है। अगर केंद्र सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो यह आग पूरे देश को चपेट में ले सकती है।"












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