Bhagoriya Festival: भगोरिया उत्सव में मांदल की थाप पर थिरके आदिवासी, 50 गांवों के लोग हुए शामिल

Bhagoriya Festival: सीहोर जिले के लाड़कुई क्षेत्र में होलिका दहन के पूर्व भगोरिया मेले का आयोजन किया जाता है। बारेला समाज में भगोरिया मेला का बहुत महत्व है। भगोरिया मेले में शामिल होने के लिए दूर दराज से लोग पहुंचे हैं।

भेरूंदा क्षेत्र अंतर्गत लाडकुई मे भगोरिया पर्व साप्ताहिक हाट के रूप में आदिवासी समुदाय ने मनाया। इसमें बारेला सामाज के महिला, पुरुष के साथ युवक युवतियां अपनी पारंपरिक व सामाजिक वेशभूषा में सज-धज कर बाजार पहुंचे।

Bhagoriya Festival

भगोरिया पर्व बारेला समाज के लोगों ने ढोल-ढमाके व रंग-गुलाल के साथ धूमधाम से मनाया जाता है। आदिवासी लोक नृत्य करते आदिवासी अंचल से भगोरिया में पहुंचते हैं। पिछले एक सप्ताह से जारी यह पर्व अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आखिरी दिनों में लोगों का उत्साह भी चरम पर दिखाई दे रहा है।


जानकारी के अनुसार क्षेत्र में होली से एक सप्ताह पूर्व के साप्ताहिक हाट भगोरिया पर्व के रूप में मनाया जाता है। इसमें आदिवासी बारेला समाज के लोग अपने-अपने घर से पारंपरिक व सामाजिक वेशभूषा धारणकर एक-दूसरे को गुलाल लगाते हुए ढोल व मांदल की थाप पर नृत्य करते हुए निकलते हैं। आदिवासियों के लिए यह पर्व किसी अन्य त्योहार से कम नहीं होता, इसमें इन लोगों का उत्साह चरम पर देखा जा सकता है।

जिसमें रविवार को लाड़कुई क्षेत्र के आसपास के लगभग 40 से 50 गांव के लोग बड़ी संख्या मे शामिल हुए। वही आदिवासियों के इस त्यौहार में पुलिस बल भी अपना पूर्ण सहयोग देता है। रविवार की सुबह से ही पुलिस बल यहां पर मुस्तैदी से असामाजिक तत्वो की गतिविधियों पर नज़र रखना एवं दुकानदारों के साथ कोई भी समस्या का निदान करने के लिए डटे रहते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+