Bhopal News: साइकिलिस्ट की यात्रा के दौरान अचानक सामने आया बाघ, जंगल में शिकार होने से बचे लोग, जाने पूरी घटना
Bhopal Tiger News: भोपाल के कुछ साहसी साइकिलिस्ट अपनी नियमित जंगल यात्रा पर निकले थे, लेकिन इस यात्रा ने उस वक्त एक अजीब मोड़ लिया जब उनके सामने एक बाघ आ खड़ा हुआ। यह घटना कुछ दिन पहले की बताई जा रही है, जब यह साइकिलिस्ट चिकलोद जंगल से गुजर रहे थे और अचानक उनकी राह में बाघ आ गया।
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बाघ की उपस्थिति ने साइकिलिस्टों को न केवल सहमा दिया, बल्कि यह पल उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

टाइगर के सामने खड़े साइकिलिस्ट, 2-3 मिनट तक मंडराता रहा बाघ
इस घटना का वीडियो गुरुवार को सामने आया, जो करीब चार दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो में साइकिलिस्टों को जंगल के बीच खड़ा देखा जा सकता है, जबकि बाघ कुछ फीट की दूरी पर घूम रहा है। साइकिलिस्टों के अनुसार, बाघ करीब 30 फीट की दूरी पर था और 2 से 3 मिनट तक आसपास मंडराता रहा। इस दौरान साइकिलिस्ट पूरी तरह से स्थिर खड़े रहे, क्योंकि वे जानते थे कि अगर किसी ने भी हलका सा बॉडी मूवमेंट किया तो बाघ हमला कर सकता था।
वीडियो बनाने वाले दिलीप सिंह का अनुभव
इस घटना का वीडियो बनाने वाले व्यक्ति, दिलीप सिंह, जो खुद एक साइकिलिस्ट हैं, ने इस घटना के बारे में बताया। दिलीप सिंह ने बताया कि वे और उनके 25-30 साथी साइकिल से आउटिंग पर गए थे। भोपाल से उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की थी, और जब वे भोजपुर मंदिर के पीछे चिकलोद जंगल से गुजर रहे थे, तभी अचानक बाघ उनकी आंखों के सामने आ गया। दिलीप ने कहा, "हम सभी सहम गए थे क्योंकि बाघ हमारी केवल 30 फीट दूर था। हमें यह नहीं पता था कि क्या करना चाहिए। हम सब चुपचाप खड़े रहे क्योंकि हम जानते थे कि अगर हमने एक भी गलत हरकत की तो बाघ हमला कर सकता था।"
चिकलोद रेंज में बाघों का मूवमेंट
चिकलोद रेंज, जो भोपाल से जुड़ा हुआ रायसेन क्षेत्र में स्थित है, बाघों के लिए एक प्रमुख निवास स्थान है। इस क्षेत्र में समय-समय पर बाघों के मूवमेंट की खबरें आती रही हैं। करीब चार महीने पहले, चिकलोद रोड वरूखार के पास बाघिन का मूवमेंट भी देखा गया था। इससे पहले भी वन विभाग को कई बार बाघों के रेस्क्यू के लिए भी दखल देना पड़ा था।
यह घटना यह साबित करती है कि बाघ और अन्य जंगली जानवरों के लिए मानव बस्तियों के आसपास के क्षेत्र उनके प्राकृतिक आवास का हिस्सा बनते जा रहे हैं। चिकलोद रेंज जैसे इलाकों में जंगली जीवन के संपर्क में आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
साइकिलिस्टों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव
इस घटना ने दिलीप सिंह और उनके साथियों को न केवल जंगल की सुंदरता का, बल्कि जंगली जानवरों के साथ सह-अस्तित्व का भी अहसास दिलाया। दिलीप ने कहा, "यह घटना हमारी जिंदगी का एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई। हालांकि हम डर गए थे, लेकिन हम शुक्रगुजार हैं कि बाघ बिना किसी आक्रमण के वहां से चला गया। सभी सुरक्षित लौट आए और हमें इस अनुभव से बहुत कुछ सीखने को मिला।"












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