Tiger Reserve On Red Alert: खतरे में ' वनराज', देश के 11 टाइगर रिजर्व में WCCB ने दिया रेड अलर्ट
मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगला, उत्तराखंड और गुहावटी के टाइगर रिजर्व में बीते दिनों बाघों के शिकार की घटनाओं के बाद देश में टाइगर के शिकारियों का गिरोह सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (Wild Life Crime Control Bureau) ने देश के 8 टाईगर रिजर्व में रेड अलर्ट (Red Alert in Tiger Reserve) जारी किया है। चिन्हित टाईगर रिजर्व के कोर और बफर जोन में विशेष चैकिंग, तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

देश के टाइगर रिजर्व जिनको लेकर रेड अलर्ट दिया गया हैं उनमें सतपुड़ा, ताडोबा, पेंच, कार्बेट, अमानगढ़, पीलीभीत, वाल्मिकी, राजाजी और बालाघाट, गढ़चिरौली, चंद्रपुर जैसे बाघ वाले क्षेत्र हैं। अलर्ट के साथ निर्देश दिए गए हैं कि इन टाइगर रिजर्व के कोर व बफर एरिया सहित चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों का अधिकारी सतत निरीक्षण करें। रिजर्व एरिया व आसपास तंबुओं, मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, परित्यक्त इमारतों, सार्वजनिक आश्रय स्थलों में संदिग्ध खानाबदोश लोगों की तलाश करने तथा अधिकारियों को सूचित करने कहा गया है। बाघों के शिकार में अधिकांश वन एरिया में रहने वाले व खानाबदोश लोग पूर्व में शामिल रहे हैं।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ की गर्दन काटकर ले गए थे शिकारी
दरअसल मप्र में हाल ही में बाघ के शिकार का संभवत: देश का पहला ऐसा मामला सामने आया है, जब शिकारी टाइगर कर शिकार करने के बाद उसकी गर्दन तक काटकर सिर ले गए थे। जंगल में बाघ का बिना सिर का बहुत बुरी हालत में शव मिला था। शिकार के करीब हफ्तेभर बाद यह मामला सामने आ सका था। इसके बाद ही देशभर में हड़कंम मचा हुआ है। एमपी के सतपुड़ा के अलावा कुछ समय पहले उत्तराखंड, गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के टाइगर रिजर्व में भी बाघों का प्रोफेशनल तरीके से शिकार किया गया था।
सभी टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को निगरानी बढ़ाने के निर्देश
Wild Life Crime Control Bureau (वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो) ने वाइल्ड लाइफ से जुड़े अफसरों, टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर, सीसीएफ को निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि ? संजीदगी से ऐसी घटनाओं की रोकथाम एवं जंगल सख्त गश्त की जाए। सूत्रों के अनुसार 29 जून को WCCB के एडिशनल डायरेक्टर एचवी गिरिशा ने सभी टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर और संबधित अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, पेंच टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व, ताडोबा, कार्बेट, अमानगढ़, पीलीभीत, वाल्मीकि, राजाजी, गढ़चिरौली, चंद्रपुर जैसे बाघ संरक्षित क्षेत्रों के सभी क्षेत्र संचालक और अन्य अधिकारी जंगल में गश्ती बढ़ाएं, संवेदनशील एवं बाघ मूव्हमेंट एरिया में लगातार सर्चिंग की जाए। अफसरों और गश्ती दल को जंगलों में सतर्क रहने को कहा है। पेशेवर शिकारी गिरोह, खानाबदोश एवं दूसरे राज्यों से रिजर्व एरिया में सक्रिय हुए लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।












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