Ratlam News: रतलाम में 22वें तीर्थंकर नेमीनाथ का जन्मकल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया
MP News: रतलाम, पौष शुक्ल चतुर्दशी रविवार को, स्वर्ण नगरी रतलाम में शौरीपुर नगरी में बाल तीर्थंकर नेमीनाथ के जन्मकल्याणक महोत्सव का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया।
इस अवसर पर पूरे शहर में उत्सव की गूंज सुनाई दी और लाखों जैन धर्मावलंबियों ने इस महापर्व को भक्ति भाव से मनाया।

विशाल शौभायात्रा और मंगलमय आयोजन
महोत्सव के तीसरे दिन, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत जन्मकल्याणक महोत्सव की खुशियों को साझा किया गया। इस आयोजन में देश-विदेश से आए हजारों जैन बंधुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः काल शांति जाप, जिनेन्द्र पूजन और गुरुदेवश्री के मंगल प्रवचनों से हुई। प्रवचनों का लाभ पंडित देवेंद्र कुमार शास्त्री, डॉक्टर विवेक जैन, ब्रह्मचारी श्रेणिक जैन और डॉक्टर मनीष शास्त्री ने दिया।
कर्नाटक के राज्यपाल और गणमान्य व्यक्तियों का सम्मिलन
इस महोत्सव में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद्र गहलोत और मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री चेतन कश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। महोत्सव समिति के अध्यक्ष विजय बड़जात्या, उपाध्यक्ष कीर्ति बड़जात्या, कमल पाटनी, राहुल अजमेरा, और अन्य कई गणमान्य नागरिकों ने इस आयोजन में सक्रिय योगदान दिया।

स्वामी वात्सल्य और शौभायात्रा
इस अवसर पर स्वामी वात्सल्य का आयोजन भी किया गया, जिसमें समूचे जैन समाज ने भाग लिया। इसके बाद, जन्मकल्याणक शौभायात्रा का आयोजन हुआ। इस यात्रा में ऐरावत हाथी पर बाल तीर्थंकर नेमीनाथ की प्रतिमा विराजमान की गई और उन्हें पाण्डुक शिला की ओर ले जाया गया, जहां 1008 कलशों से उनका अभिषेक किया गया। इस अभिषेक में हजारों श्रावकों ने भाग लिया और मंगलगान के साथ यात्रा शौरीपुर नगरी पहुंची।
कलश नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
इस महोत्सव में मुंबई से पधारी श्रीमती सीमा विनय पाटनी द्वारा 22 कलशों के साथ भवाई नृत्य प्रस्तुत किया गया, जो कि उपस्थित सभी लोगों ने सराहा। इसके अलावा, रत्नत्रय तीर्थ ध्रुवधाम बांसवाड़ा के विद्यार्थियों ने सुंदर नृत्यगान प्रस्तुत किया, जो जन्मकल्याणक महोत्सव का हिस्सा था।
आज का तपकल्याणक महोत्सव
महोत्सव के मीडिया प्रभारी दीपक राज जैन और राकेश पोरवाल ने बताया कि आज, पौष शुक्ल पूर्णिमा के दिन तपकल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से युवराज नेमीकुमार की बारात, राजा नेमीकुमार का वैराग्य, और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन भी किया जाएगा।












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