MP: सागर में ‘विकास' को पटरी पर लाना नए ‘मेयर' की सबसे बड़ी चुनौती
स्मार्ट सिटी के द्वारा चल रहे कार्यों को पूरा कराना नई परिषद की जिम्मेदारी
सागर, 16 जुलाई। पिछले एक माह से चल रही नगरीय निकाय चुनाव की कवायद रविवार को होने वाली मतगणना के साथ ही पूरी हो जाएगी। इसके साथ ही संभाग की एकमात्र नगर निगम में महापौर का ताज किसके सिर सजेगा यह भी तय हो जाएगा। महापौर का ताज जो भी पहनेगा उसके लिए तीन वर्षों से शहर में चल रहे अरबों के कथित विकास कार्यों को पटरी पर लाकर जनता को राहत देना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

नगर निगम चुनाव के पहले चरण की मतगणना कल होने वाली है। जिसमें नगर सरकार की नई मुखिया कौन होगीं यह तय हो जाएगा। लगातार एक माह चले चुनावी घमासान में मुख्य मुकाबला कांग्रेस की निधि जैन और भाजपा की संगीता तिवारी के बीच ही है। मतगणना के बाद दोपहर तक स्थिति सामने आ जाएगी, लेकिन संभाग की इस एक मात्र नगर निगम में काबिज होने वाली नई महापौर के सामने कई चुनौतियां मुंह बाएं खड़ी हैं, जिनमें सबसे प्रमुख तो पिछले तीन वर्षों से शहर में स्मार्ट सिटी के माध्यम से चल रहे विकास कार्यों को पटरी पर लाते हुए उन्हें अब तय की गई समय सीमा में पूरा कराने की होगी। जिनमें प्रमुख सीवरेज लाइन, 24 x 7 के तहत डाली जा रही पेयजल लाइन के कार्य प्रमुख हैं। इन दोनों कार्यों के चलते पिछले दो वर्षों से शहर के मुख्य बाजार सहित शायद ही कोई गली हो जिसमें गड्ढे नजर न आते हो दोनों ही कार्यों की निर्धारित समय सीमा तो पहले ही पूरी हो चुकी है।
स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कार्य भी चुनौती
सागर शहर में स्मार्ट रोड कॉरिडोर, तालाब सौंदर्यकरण कार्य, ऐलिवेटेड कॉरीडोर यह कुछ ऐसे कार्य हैं जिन पर पूरे शहर की निगाहें लगी हुई हैं। शहर के इन विकास कार्यों को पटरी पर लाने के अलावा लगातार होने वाली अव्यवस्थित पेयजल सप्लाई सफाई सहित अन्य कार्यों को व्यवस्थित करना भी नए मेयर के लिए चुनौती ही मानी जा रही है, तो लगातार घाटे में चल रहे ननि जहां कर्मचारियों को वेतन के लिए भी चुंगी क्षतिपूर्ति जैसी व्यवस्थाओं के भरोसे रहना पड़ता है में आय के नए स्त्रोत बिना जनता पर बोझ डाले बढ़ाना भी नए महापौर के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा।












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