मध्य प्रदेश में अस्थाई परिवहन चेक पोस्ट और चेकिंग पॉइंट हुए बंद, RTO चेक पोस्ट का होगा मॉर्डनाइजेशन
मध्यप्रदेश में परिवहन चेकपोस्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, प्रदेश में अब गुजरात की तरह अस्थाई चेक पोस्ट और चेकिंग पॉइंट्स को बंद कर दिया गया है। वाहनों की आवाजाही को आसन बनाने के लिए गुजरात की तर्ज पर चेक पोस्टों को बंद कर चेकिंग सिस्टम का मॉर्डनाइजेशन किया जाएगा।
बता दे आज मध्यप्रदेश में ट्रांसपोर्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रणनीति बना रहे थे, इसके लिए आज मानस भवन में एक मीटिंग भी बुलाई गई थी। बता दें कि मध्य प्रदेश के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों से आरटीओ (RTO) के 47 चेकपोस्ट है। इन बैरियर के अलावा 13 चेकपोस्ट अवैध रूप से संचालित है। इन चैक पोस्टों से रोजाना छोटे-बड़े 65000 वाहन निकलते हैं।

प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि गुजरात मॉड्ल के लागू होने तक एमपी में चल रहे परिवहन चेकपोस्ट पर वाहनों के आवागमन को सुगम करने के लिए 7 अस्थाई चेकपोस्ट (प्राणपुर, बिलौआ, नहर, समरसा, करहाल ,रानीगंज तिगेला, राजना) और इनके अलावा वर्तमान में चल रहे सभी 6 चेकिंग पाईंट आज से ही बंद कर दिए जाएंगें।
मंत्री राजपूत ने बताया कि चेकपोस्ट पर चरणबद्ध रूप से गाडि़यों की मैनूअल चालानी कार्रवाई को बंद किया जाएगा। आने वाले समय में आधुनिक पीओएस मशीन से चालानी कार्यवाही की जाएगी और चालान की राशि ऑनलाईन जमा होगी। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट के नियमानुसार एवं खाली चलने वाली गाडि़यों पर चालानी कार्रवाई नहीं होगी। चेकपोस्ट पर नियम विरूद्ध चलने वाली गाडि़यों पर ही चालानी कार्रवाई की जाएगी।
एमपी में अब गुजरात जैसे मॉर्डन होंगे चेकपोस्ट
परिवहन मंत्री ने कहा कि चेकपोस्टों को बंद करके वाहनों की चेकिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण गुजरात मॉडल की तर्ज पर चरणबद्ध रूप से 14 दिसम्बर, 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। क्योंकि मध्य प्रदेश में संचालित 40 स्थाई चेकपोस्टों में से 19 इंटीग्रेटेड चेकपोस्टों का संचालन MPRDC (एमपीआरडीसी) और एमपी बॉर्डर चेकपोस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत हो रहा है।












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