MP Assembly Election 2023: कर्नाटक चुनाव से सबक लेकर भाजपा कांग्रेस पर हमलावर, कपड़ा फाड़ बयान को बनाया मुद्दा

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा बेहद गंभीर नजर आ रही है। कर्नाटक चुनाव से सबक लेते हुए इस बार भाजपा ने टिकट वितरण भी फूंक- फूंक कर किया है। भाजपा के दिग्गज नेताओं का मानना है कि कर्नाटक में कांग्रेस के पास जब कोई बड़ा नेता तक नहीं था। संगठन भी कमजोर था, फिर भी कांग्रेस कड़ी टक्कर देकर बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई।

यह सब तब हुआ जब भाजपा ने अपनी पूरी ताकत कर्नाटक में झोंक दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रैलियां की, रोड शो किए है। मगर इस पूरी कवायद का खास फायदा नहीं मिल सका। चुनाव में पार्टी जैसे तैसे अपनी लाज बचा पाई इन सब हालातो से सबक लेकर ही अब बीजेपी मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में चुनाव लड़ रही है।

Taking a lesson from Karnataka elections, BJP made Congresss cloth tearing statement an issue.

खासतौर से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य को पार्टी आसान नहीं मान रही है भाजपा हाई कमान का मानना है कि इन राज्यों में कांग्रेस के पास मजबूत संगठन है यही कारण है कि भाजपा ने इस बार टिकट वितरण में नियमावली बदलते हुए कई बुजुर्ग नेताओं को भी टिकट दिए हैं। सात केंद्रीय मंत्रियों को भी चुनावी मैदान में उतर गया है। भाजपा का मानना है कि कर्नाटक पार्टी ने जो टिकट देने में असावधानी बरती थी, वे प्रदेश में सुधारी गई है।

डीके शिवाकुमार और सीएम सिद्धारमैया के बीट टकराव

भाजपा प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी का कहना है कि कर्नाटक में भले ही कांग्रेस ने सरकार बना ली हो, लेकिन अब कांग्रेसियों के बीच आपसी संघर्ष नजर आ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने झूठ बोलकर सरकार तो बना ली लेकिन मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार के बीच लगातार टकराव नजर आ रहा है। साल 2018 के चुनाव परिणाम के पश्चात हमारे नेताओं ने प्रबंधन, संगठन व प्रत्याशी चिन्ह में बहुत बारीकी से मेहनत की है हमें पूरा विश्वास है कि मध्य प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार बनेगी। वहीं कांग्रेस में ठीक उलट कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच चल रहा है। शीत युद्ध अब सड़क पर आ गया है जिससे लोगों की रुचि कांग्रेस के प्रति खत्म हो गई है।

कपड़ा फाड़ बयान के बाद दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को लेकर पार्टी गंभीर

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा भले घोषित नहीं किया हो लेकिन पार्टी कमलनाथ का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ रही है। वहीं दूसरी और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह जमीनी नेता बनकर रणनीति संभाल रहे। दोनों नेता 2018 में सरकार बनाने में सफल भी हो चुके हैं लेकिन इस बार दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच बयान बाजी को भी उम्मीद लेकर राजनीतिक खासा गरमाई हुई है। कमलनाथ के कपड़े फाड़ने के बयान के बाद भाजपा लगातार चुनावी सभाओं में इसे कांग्रेसी नेताओं के बीच आपसी संघर्ष बता रही है।

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