प्रयागराज जा रही अंबेडकर नगर एक्सप्रेस ट्रेन पर छतरपुर में क्यों हुआ पथराव, जानिए पूरा मामला और सच
MP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर और हरपालपुर रेलवे स्टेशनों पर बुधवार देर रात एक घटना सामने आई, जब महू से प्रयागराज जा रही डॉ अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस ट्रेन पर कुछ स्थानीय यात्रियों ने पथराव किया।
यह घटना करीब 1 बजे हुई, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी और यात्री ट्रेन के दरवाजे खोलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरवाजे नहीं खुले। इससे नाराज होकर स्थानीय यात्रियों ने ट्रेन पर पथराव किया और तोड़फोड़ की।

क्या हुआ था पथराव के दौरान?
घटना के दौरान ट्रेन के कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जबकि पथराव के कारण ट्रेन की कई बोगियों के दरवाजों और खिड़कियों को भी नुकसान हुआ। इस घटना के दौरान ट्रेन में सवार महिलाएं और बच्चे भयभीत हो गए थे। कुछ यात्रियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जिसमें वे सुरक्षा की गुहार लगाते हुए दिखाई दिए। वीडियो में यह भी दिखाया गया कि पथराव के दौरान सुरक्षा की कोई त्वरित व्यवस्था नहीं दिखी, और यात्री घबराए हुए थे।
घटना के कारण और प्रतिक्रिया
इस पथराव की घटना का मुख्य कारण ट्रेन के दरवाजे का समय पर न खोलना था। बताया जा रहा है कि प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्री लंबे समय से ट्रेन के दरवाजे के खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब दरवाजे नहीं खुले, तो कुछ यात्रियों का गुस्सा भड़क गया। ट्रेन में सवार लोग इस घटना से सदमे में थे और सुरक्षा के लिए मदद की गुहार कर रहे थे।
रेलवे प्रशासन ने घटना के बाद स्थिति को काबू में किया और पथराव करने वाले कुछ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। हालांकि, यह सवाल खड़ा होता है कि जब ट्रेन पर पथराव जैसी गंभीर घटना हुई, तो रेलवे सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों थी?

पथराव के बाद की स्थिति
पथराव के बाद रेलवे अधिकारियों ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए त्वरित कदम उठाए। ट्रेन को सुरक्षित स्थान पर लाकर यात्रियों को बाहर निकाला गया और मेडिकल सहायता दी गई। इस घटना के बाद यात्रियों में भय और असुरक्षा की भावना भी बढ़ गई, और रेलवे प्रशासन पर सवाल उठने लगे कि आखिरकार सुरक्षा के उपायों की कमी क्यों रही।
भीड़ के गुस्से के कारण हुई तोड़फोड़ और हंगामा
मध्य प्रदेश के छतरपुर और हरपालपुर रेलवे स्टेशनों पर बुधवार रात महू से प्रयागराज जा रही डॉ. अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस ट्रेन पर हंगामा हुआ। यह घटना तब हुई जब ट्रेन छतरपुर रेलवे स्टेशन पर रुकी, और यात्रियों ने ट्रेन के गेट को खोलने से इंकार कर दिया, जिसके बाद बाहर खड़े लोग गुस्से में आ गए और पथराव कर दिया।
घटना की शुरुआत
छतरपुर रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों ने बताया कि ट्रेन रात करीब 12:45 बजे इंदौर से प्रयागराज के लिए रवाना हुई थी। जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, तो अंदर बैठे यात्रियों ने प्लेटफॉर्म पर खड़ी भीड़ को देखकर गेट नहीं खोले। इससे बाहर खड़े लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने ट्रेन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके अलावा, लोग पानी की बोतलें और जो भी चीजें उन्हें मिल रही थीं, वे ट्रेन पर फेंक रहे थे। इस पथराव और तोड़फोड़ के कारण ट्रेन के कई गेट और खिड़कियों को नुकसान हुआ।
पुलिस और सुरक्षा की प्रतिक्रिया
आरपीएफ जवान घटना के दौरान मौके पर मौजूद थे, लेकिन वे स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाए। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने सिविल पुलिस को सूचित किया। छतरपुर सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीक चौबे ने बताया कि रात करीब 1 बजे कुछ लोग ट्रेन पर पत्थर फेंकने और तोड़फोड़ करने लगे। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी वहां से फरार हो गए थे। ट्रेन को लगभग 40 मिनट बाद पुलिस की समझाइश के बाद रवाना किया गया।

हरपालपुर और खजुराहो में भी हंगामा
हरपालपुर रेलवे स्टेशन पर भी पथराव की घटना हुई। हरपालपुर थाना प्रभारी पुष्पक शर्मा ने बताया कि रात करीब 2 बजे कुछ लोगों ने ट्रेन पर पत्थर फेंके। पुलिस की समझाइश के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। खजुराहो और छतरपुर रेलवे स्टेशन पर भी हंगामा किया गया था, जिससे ट्रेन की यात्रा में देरी हुई।
रेलवे का बयान और व्यवस्था
रेलवे मंडल झांसी के पीआरओ मनोज सिंह ने इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रयागराज जाने के लिए भारी संख्या में यात्रियों की भीड़ थी। जब ट्रेन के गेट नहीं खोले गए, तो महिलाओं और पुरुषों ने गुस्से में आकर हंगामा किया। कुछ यात्रियों ने ट्रेन की खिड़कियों में तोड़फोड़ भी की। आरपीएफ और पुलिस की समझाइश के बाद ट्रेन को रवाना किया गया और सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
इस घटना के बाद रेलवे ने यात्रियों की असुविधा को ध्यान में रखते हुए एक स्पेशल ट्रेन भी चलाने का निर्णय लिया, जो ओरछा से प्रयागराज के लिए भेजी गई।
कुंभ स्पेशल ट्रेन में भी उपद्रव
कुंभ स्पेशल ट्रेन में भी सिमीलर स्थिति सामने आई, जब लोग ट्रेन के गेट खोलने के लिए परेशान थे। हालांकि, रेलवे कर्मचारियों ने प्रयास करके केवल चार डिब्बों के गेट खोले, जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली। इस दौरान खजुराहो स्टेशन पर भी उपद्रव हुआ, जिससे ट्रेन की यात्रा में और भी देरी हुई।












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