Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

सांची महाबोधि महोत्सव शुूरू, ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल और थाईलैंड के सुपाचाई वेरापंचोंग हुए शामिल

मध्य प्रदेश में बौद्ध धर्म की महत्वपूर्ण स्थल सांची पर हर साल आयोजित होने वाला महाबोधि महोत्सव इस बार और भी खास बनने जा रहा है। इस वर्ष की शुरुआत एक भव्य उद्घाटन समारोह से हुई, जिसमें प्रमुख गणमान्य व्यक्ति, धार्मिक नेता और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल हुए।

महोत्सव में पहुंचे विशेष अतिथि

मध्य प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ इस आयोजन में थाईलैंड के डॉ सुपाचाई वेरापंचोंग और श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के प्रमुख बानगल उपतिस्स नायक थेरो भी मौजूद थे।

Sanchi Mahabodhi Mahotsav Minister Prahlad Patel and Thailand Supachai Verapanchong participated

इन धार्मिक नेताओं की उपस्थिति इस महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी महत्वपूर्ण बना देती है। यह आयोजन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो भारतीय उपमहाद्वीप में गौतम बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं के प्रसार का प्रतीक है।

सांची महाबोधि महोत्सव का महत्व

सांची महाबोधि महोत्सव एक धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रम है, जो गौतम बुद्ध की शिक्षा और उनके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस महोत्सव के दौरान, विशेष रूप से गौतम बुद्ध के परम शिष्य सारीपुत्र और महामोग्गल्लान की पवित्र अस्थियों को तलघर से बाहर निकाला जाता है। इन अस्थियों की पूजा और दर्शन को लेकर अनुयायी विशेष रूप से उत्साहित रहते हैं, क्योंकि ये अस्थियां बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक महत्व को पुनः स्थापित करती हैं।

इस वर्ष का महोत्सव 1 दिसंबर को विशेष कार्यक्रम के साथ आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बनने के लिए उपस्थित होंगे।

Sanchi Mahabodhi Mahotsav Minister Prahlad Patel and Thailand Supachai Verapanchong participated

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की भागीदारी

इस कार्यक्रम में एक और विशेष आकर्षण केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का होना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधि के रूप में महोत्सव में भाग लेने आ रहे हैं। उनकी उपस्थिति न केवल इस महोत्सव के महत्व को बढ़ाती है, बल्कि यह भारतीय सरकार के बौद्ध धर्म और संस्कृति के प्रति सम्मान को भी दर्शाती है।

महोत्सव के दौरान क्या होगा खास?

यह महोत्सव दो दिन तक चलेगा, और इसमें विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में धार्मिक प्रवचन, बौद्ध भिक्षुओं द्वारा पूजा-अर्चना, और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल होंगे। महोत्सव के दौरान विशेष रूप से बौद्ध धर्म से संबंधित ज्ञान, ध्यान और साधना की महत्वपूर्ण विधाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, यह महोत्सव एक मंच प्रदान करेगा जहां विभिन्न देशों के लोग अपने अनुभव साझा करेंगे और बौद्ध धर्म के सिद्धांतों पर विचार करेंगे।

साथ ही, सांची के ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित होने वाला यह महोत्सव भारत के संस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहां पर स्थित सांची का स्तूप और अन्य ऐतिहासिक संरचनाएं बौद्ध धर्म के इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं, जो इस महोत्सव में प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

सांची महाबोधि महोत्सव न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह महोत्सव न सिर्फ गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और उनके योगदान को याद करने का मौका है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति हमारी आस्था और समर्पण को भी प्रदर्शित करता है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की उपस्थिति और इस महोत्सव में दुनिया भर से जुटे धार्मिक नेताओं और अनुयायियों की भागीदारी इसे और भी विशेष बनाती है। इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों और चर्चाओं के माध्यम से यह आयोजन बौद्ध धर्म के प्रति श्रद्धा और सम्मान को और बढ़ावा देगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+