MP News Bhopal: सुभाष नगर ओवरब्रिज पर भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर पलटी, युवक-युवती घायल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सुभाष नगर ओवरब्रिज पर मंगलवार को एक के बाद एक दो भीषण सड़क हादसे हुए, जिन्होंने शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला हादसा एक तेज रफ्तार कार के डिवाइडर से टकराकर पलटने का था, जिसमें कार में सवार एक युवक और युवती गंभीर रूप से घायल हो गए।
दूसरा हादसा एक स्कूल वैन का था, जो डिवाइडर से टकरा गई, लेकिन सौभाग्य से उसमें सवार बच्चे सुरक्षित रहे। कार हादसे का लाइव सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स लोक निर्माण विभाग (PWD) की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, क्योंकि डिवाइडर पर साइनबोर्ड, रिफ्लेक्टिव टेप, या चेतावनी संकेतों की कमी हादसों का प्रमुख कारण बताई जा रही है।

हादसे का विवरण
सुभाष नगर ओवरब्रिज पर मंगलवार देर शाम तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। हादसे में कार के सामने के दोनों टायर अलग हो गए, और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार एक युवक और युवती को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार तेज गति से आ रही थी, और डिवाइडर पर कोई चेतावनी संकेत न होने के कारण चालक संतुलन खो बैठा। हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
स्कूल वैन हादसा
उसी दिन सुभाष नगर ओवरब्रिज पर एक दूसरा हादसा हुआ, जिसमें एक स्कूल वैन डिवाइडर से टकरा गई। वैन में कई स्कूली बच्चे सवार थे, जो स्कूल से घर लौट रहे थे। सौभाग्य से, इस हादसे में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ, लेकिन वैन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण सड़क पर दृश्यता कम थी, और डिवाइडर पर रिफ्लेक्टिव टेप या साइनबोर्ड न होने के कारण चालक को डिवाइडर का अंदाजा नहीं हुआ।
PWD की लापरवाही पर सवाल
- सुभाष नगर ओवरब्रिज पर बार-बार हो रहे हादसों ने PWD की डिजाइन और रखरखाव की खामियों को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने निम्नलिखित समस्याओं को हादसों का कारण बताया:
- साइनबोर्ड की कमी: डिवाइडर पर रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, टेप, या चेतावनी लाइट्स नहीं हैं, जिससे रात और बारिश में दृश्यता शून्य हो जाती है।
- स्पीड कंट्रोल की अनुपस्थिति: रंबल स्ट्रिप्स या स्पीड ब्रेकर नहीं होने से वाहन चालक तेज गति से चलाते हैं, जिससे संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
- डिजाइन में खामियां: ओवरब्रिज की संरचना और डिवाइडर की ऊंचाई वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
भोपाल में सड़क हादसों का बढ़ता ग्राफ
- सुभाष नगर ओवरब्रिज पर हुए ये हादसे भोपाल में सड़क सुरक्षा की बदहाल स्थिति को दर्शाते हैं। हाल के महीनों में शहर में कई बड़े हादसे हुए हैं:
- ऐशबाग ओवरब्रिज (ROB): 88 डिग्री के खतरनाक मोड़ के कारण यह ब्रिज हादसों का हॉटस्पॉट बन गया है। इसके डिजाइन में खामियों के लिए PWD के 8 इंजीनियरों को निलंबित किया गया और निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया गया।
- बाणगंगा चौराहा हादसा: मई 2025 में एक स्कूल बस ने ब्रेक फेल होने के कारण 8 वाहनों को टक्कर मार दी, जिसमें नर्सिंग छात्रा आयशा खान की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए। बस का फिटनेस सर्टिफिकेट नवंबर 2024 में समाप्त हो चुका था, जिसके लिए RTO अधिकारी जितेंद्र शर्मा को निलंबित किया गया।
- जीजी फ्लाईओवर हादसा: फरवरी 2025 में एक बाइक सवार युवक कार से टकराकर 20 मीटर तक घसीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
- एयरपोर्ट रोड हादसा: नवंबर 2024 में दो MBBS छात्रों की बाइक डिवाइडर पर लगे पेड़ से टकरा गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
- ये घटनाएं भोपाल में सड़क सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर की खामियों को उजागर करती हैं। मैनिट भोपाल के ट्रैफिक विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ रोकड़े ने कहा, "सुभाष नगर ओवरब्रिज पर रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स, और स्पीड ब्रेकर की तत्काल जरूरत है। बिना इनके हादसे रुकना मुश्किल है।"
विपक्ष का हमला
कांग्रेस ने इन हादसों को लेकर बीजेपी सरकार और PWD पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "सुभाष नगर ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार और स्कूल वैन के हादसे PWD की नाकामी का सबूत हैं। सरकार स्मार्ट सिटी का ढोल पीट रही है, लेकिन सड़कें जानलेवा बन रही हैं।" जीतू पटवारी ने वन इंडिया हिंदी से कहा कि "भोपाल में सड़कें बन रही हैं कब्रिस्तान! सुभाष नगर हादसे के लिए PWD और सरकार जिम्मेदार।" कांग्रेस ने मांग की है कि ओवरब्रिज की डिजाइन की स्वतंत्र जांच हो और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा, "हम सुभाष नगर ओवरब्रिज हादसे की जांच कर रहे हैं। सड़क सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे।" उन्होंने PWD को डिवाइडर और रिफ्लेक्टिव टेप लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और PWD को सुधारात्मक उपायों के लिए समयसीमा तय करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, ऐशबाग ROB की तरह सुभाष नगर ओवरब्रिज पर भी डिजाइन सुधार के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
सड़क सुरक्षा के लिए सुझाव
- सुभाष नगर ओवरब्रिज पर हादसों को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय जरूरी हैं:
- रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड और टेप: डिवाइडर और मोड़ पर रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, टेप, और चेतावनी लाइट्स लगाई जाएं।
- स्पीड कंट्रोल: रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड ब्रेकर, और स्पीड लिमिट साइनबोर्ड स्थापित किए जाएं।
- नियमित निरीक्षण: PWD को ओवरब्रिज की डिजाइन और रखरखाव की नियमित जांच करनी चाहिए, विशेष रूप से बरसात के मौसम में।
- CCTV निगरानी: ओवरब्रिज पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर ट्रैफिक की निगरानी की जाए।
- जागरूकता अभियान: स्कूल बस ड्राइवरों और अन्य वाहन चालकों के लिए सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।












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