MP News: रीवा के भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी का मजार अतिक्रमण पर फिर से बयान, जानिए क्या है मुद्दा
Rewa News: रीवा के त्योंथर से भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने एक बार फिर से अवैध मजार के अतिक्रमण को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने बताया कि यह मुद्दा उन्होंने 10 दिन पहले उठाया था और अब प्रशासन से इस पर गंभीरता से कार्रवाई करने की अपील की है। विधायक ने कहा कि अमहिया क्षेत्र में स्थित अवैध मजार का अतिक्रमण धीरे-धीरे बढ़ रहा है और यह अब सड़क पर भी फैल चुका है।

सिद्धार्थ तिवारी ने कहा, "मैं प्रशासन से निवेदन करता हूं कि इस अवैध कब्जे को हटाया जाए। यह लैंड जिहाद आम जनमानस के लिए समस्या पैदा कर रहा है, जिससे जाम जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि विजयादशमी के पर्व के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत होगी और इस अतिक्रमण का अंत होगा।"
भाजपा विधायक ने अपने बयान में लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "यह बेहद चिंताजनक है कि लोग कहीं भी 3 बाय 3 की चादर डालकर लैंड जिहाद कर रहे हैं। इसे रोकना होगा। न केवल रीवा, बल्कि पूरे प्रदेश में इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।"

सिद्धार्थ तिवारी के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में फिर से बहस को जन्म दे दिया है। उनके समर्थकों का मानना है कि यह एक जरूरी कदम है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश मानता है। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस मामले में जनता का समर्थन है और वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
मस्जिदों और मजारों के मुद्दे पर पहले भी कई बार विवाद उत्पन्न हुए हैं, और सिद्धार्थ तिवारी का यह बयान उस परिदृश्य में नया आयाम जोड़ता है। उनका मानना है कि प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए ताकि अवैध कब्जे को रोका जा सके और शहर की सड़कें पुनः सुचारू रूप से चालू हो सकें।
इस संदर्भ में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थिति का आकलन करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और जो भी आवश्यक कदम होंगे, उन्हें उठाया जाएगा। तिवारी का यह प्रयास समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट है कि यह मुद्दा स्थानीय राजनीति में संवेदनशीलता का एक प्रमुख बिंदु बना रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने रीवा के स्थानीय निवासियों को भी प्रभावित किया है, जहां लोग इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय रखते हैं। कुछ लोग तिवारी के समर्थन में हैं, जबकि कुछ लोग इसे असहमति का विषय मानते हैं। इस मुद्दे पर चर्चा अब और भी बढ़ती जा रही है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने भाजपा विधायक के बयान का किया विरोध
रीवा में भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी द्वारा अवैध मजार के अतिक्रमण को हटाने की मांग के बाद मुस्लिम समुदाय ने विरोध जताया है। मुस्लिम पक्ष ने विधायक के बयानों को गलत और माहौल को बिगाड़ने वाला बताया है। उनके अनुसार, जिस मजार पर विधायक कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं, वह वर्षों पुरानी है और इस मजार से मुस्लिम समुदाय की आस्था जुड़ी हुई है।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव अब्दुल शहीद मिस्त्री ने इस विवाद में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि "यह जमीन वक्फ बोर्ड की है।" उन्होंने विधायक तिवारी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर वह अतिक्रमण हटाने की शुरुआत करना चाहते हैं, तो पहले उनके अपने घर को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि डिप्टी सीएम का घर भी वक्फ बोर्ड की जमीन पर स्थित है। मिस्त्री ने विधायक को यह याद दिलाया कि उनके दादा और पिता ने हमेशा सामंजस्य की राजनीति की थी, जबकि तिवारी ने उनकी विचारधारा से कुछ नहीं सीखा है।
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, "किसी भी कीमत पर मैं मजार को हटाने नहीं दूंगा। मेरी व्यक्तिगत आस्था इस मजार से जुड़ी हुई है।" उन्होंने यह आरोप लगाया कि भाजपा के बड़े नेताओं के इशारे पर यह कार्रवाई की जा रही है और इसे बचाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। अभय मिश्रा ने कहा कि भाजपा के नेता इस तरह के विवाद खड़ा करने में माहिर हैं, जो समाज में दरार पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।

यह विवाद राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हो गया है। मुस्लिम समुदाय के लोग इस मजार को अपनी आस्था का प्रतीक मानते हैं, जबकि भाजपा विधायक इसे अवैध कब्जे के रूप में देख रहे हैं। इस स्थिति ने स्थानीय राजनीति को एक नया मोड़ दिया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी और विवाद बढ़ता जा रहा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या किसी प्रकार का समाधान निकाला जा सकता है। इस विवाद ने रीवा के स्थानीय निवासियों के बीच विभिन्न विचारों को जन्म दिया है, और इसके प्रभाव क्षेत्र में आने वाले समय में स्पष्ट होंगे।
वकील ने कहा-जमीन पर लोगों ने किया कब्जा, मांग की जांच की
रीवा में मजार के अतिक्रमण विवाद के बीच अधिवक्ता बीके माला ने इस मामले में नई जान डाल दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस जमीन के बारे में कहा जा रहा है कि वह वक्फ बोर्ड की है, उसकी जांच कराई जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। माला का कहना है, "दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
बीके माला ने इस जमीन की भौगोलिक स्थिति का विवरण देते हुए बताया कि आसपास की सारी जमीन बगीचे की है। उन्होंने कहा कि यहां पर एक समय औषधि युक्त बगीचा हुआ करता था, जिसमें कई प्रकार की जड़ी-बूटियों की खेती की जाती थी। माला ने बताया कि इस क्षेत्र में कुल 7 एकड़ 52 डिसमिल की जमीन एक तरफ थी और 4 एकड़ 11 डिसमिल जमीन दूसरी तरफ।
उन्होंने उल्लेख किया कि इस बगीचे के बीच से एक नाला निकलता था, जो बीहर-बिछिया नदी की एक शाखा हुआ करता था। इस नाले का उपयोग बगीचे को सिंचने के लिए किया जाता था। माला ने बताया कि इस बगीचे की देखभाल कुशवाहा, यादव और खान परिवार करते थे। "ये परिवार एक तरह से चौकीदारी का काम कर रहे थे, लेकिन अब लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया है," उन्होंने आरोप लगाया।
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