बेशर्म लुटेरे! इन अभागों को भी लूट लिया, चलती कार में आग भी लग गई, बमुश्किल बचा सके बच्चे और बकरियां
सागर, 22 जुलाई। कहते हैं लुटेरों का कोई नियम-धरम नहीं होता... आज यह वाक्य एक घटना के बाद सिद्ध हो गया। दरअसल विदिशा जिले का एक दीनहीन परिवार एक किराए कि गाडी में चार बकरियां और दो बच्चों को लेकर दमोह जा रहे थे, बकरियों उनकी कुल पूंजी हैं। राहतगढ के पहले ग्यारसपुर के पास लुटेरों ने गाडी रोककर इस गरीब परिवार को लुट लिया, बाप बच्चों को बचाकर भागा, लुटेरों ने महिला के सिर पर पत्थर मारकर घायल कर दिया, पीठ में तलवार मार दी। 20 हजार लूट लिए। यहां से जैसे तैसे निकले तो सागर में बीच सडक पर गाडी में आग लग गई। अब परिवार, बच्चे, बकरियां सडक पर आ गईं।

मप्र के सागर में चमेली चौक रामबाग मंदिर के चौराहे पर ओमनी वेन के इंजन में अचानक आग लग गई। ड्राइवर सीट के नीचे इंजन से आग की लपटे और धुंआ निकलने लगा। बीच सडक पर घटनाक्रम के बाद लोगों ने कार में सवार दंपति, दो बच्चों और चार बकरियां को निकालकर सुरक्षित बैठाया और कार पर पानी डालकर आग बुझाई। काफी देर तक गाडी से धुंआ निकलता रहा।

विदिशा से दमोह जा रहा था परिवार
कार में सवार राधिका लोधी पति राजकुमार लोधी ने बताया कि वे विदिशा जिले में रहते हैं। बकरियां उनके साथ ही रहती हैं, इन्ही के माध्यम से उनकी रोजी-रोटी चलती है। विदिशा से दमोह के लिए एक साथी कि किराए की गाडी लेकर निकले थे। विदिशा-राहतगढ के बीच में ग्यारसपुर के पास जंगल में कुछ लोगों ने गाडी को रोककर इन पर हमला कर दिया और 20 हजार रुपए लूट लिए। हमले में बच्चों को लेकर राजकुमार ने जैसे-तैसे बच्चों को बचाया, लेकिन लुटेरों ने पत्नी राधिका पर हमला कर दिया। उसके सिर में पत्थर मार दिया, तलवार भी मारी, जो पीठ में लगी है। घटना के बाद राहतगढ में पुलिस में शिकायत की, लेकिन उनकी कच्ची रिपोर्ट लेकर चलता कर दिया।

कार से धुंंआ निकलता देख लोगों ने बचाया
सागर में रामबाग मंदिर के पास उनकी कार के इंजन में अचानक आग लग गई। सीट के नीचे से धुंआ निकलता देख कार रोकी, बमुश्किल बच्चों और बकरियों को बाहर निकाल सके। बाद में पति तो दूसरे साधन की व्यवस्था करने चला गया। राधिका बच्चों और बकरियों को लेकर सडक किनारे एक दुकान के चबूतरे पर बैठी रही। बच्चों को भूख लगी तो आसपास के दुकानदारों ने उन्हें बिस्किट आदि खिलाए।












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