'कांग्रेस ने जवानों के हाथ बांध रखे थे, हमने उन्हें दी गोली चलाने की छूट', मुरैना में PM नरेंद्र मोदी ने कहा
MP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 25 अप्रैल को मुरैना में विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। पीएम मोदी ने कहा, 'कांग्रेस सरकार ने जवानों के जो हाथ बांध रखे थे, हमने उन्हें भी खुली छूट दे दी। हमने कहा कि अगर एक गोली आती है तो 10 गोली चलनी चाहिए। अगर एक गोला फेंकते हैं तो 10 तोपें चल जानी चाहिए।'
मुरैना में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा के लिए देश से बड़ा और कुछ भी नहीं है और कांग्रेस के लिए अपना परिवार ही सब कुछ है। कांग्रेस की नीति है जो देश के लिए सबसे ज्यादा योगदान करे, सबसे ज्यादा मेहनत करे, सबसे ज्यादा समर्पण करे, उसे सबसे पीछे रखो।

इसलिए कांग्रेस ने वर्षों तक सेना के जवानों की 'वन रैंक वन पेंशन' जैसी मांग पूरी नहीं होने दी। हमने सरकार बनते ही 'वन रैंक वन पेंशन' को लागू किया। हमने सीमा पर खड़े जवानों की सुविधा की भी चिंता की। कांग्रेस सरकार ने जवानों के जो हाथ बांध रखे थे, हमने उन्हें भी खुली छूट दे दी। हमने कहा कि अगर एक गोली आती है तो 10 गोली चलनी चाहिए।
अगर एक गोला फेंकते हैं तो 10 तोपें चल जानी चाहिए। इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश के लोग जानते हैं कि किस समस्या से एक बार पीछा छूट जाए तो फिर उस समस्या से दूर ही रहना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ऐसी ही विकास विरोधी एक बहुत बड़ी समस्या है। चंबल के लोग कांग्रेस का वो दौर कैसे भूल सकते हैं?
कांग्रेस ने चंबल की पहचान खराब कानून-व्यवस्था और ऐसे क्षेत्र के तौर पर बना दी थी। पीएम ने आगे कहा कि आप सब जानते हैं आजादी के समय कांग्रेस ने धर्म के नाम पर देश का विभाजन स्वीकार किया था। मां भारती के हाथों की जंजीरें काटने के बजाय कांग्रेस ने मां भारती की भुजाएं ही काट दी। देश के टुकड़े कर दिए थे।
लेकिन, कांग्रेस सुधरने को तैयार नहीं है। कांग्रेस को लगता है, यही उसके फायदे के लिए सरल रास्ता है। आज एक बार फिर कांग्रेस कुर्सी के लिए छटपटा रही है। अब कुर्सी पाने कि लिए भाँति-भाँति के खेल खेल रही है... ये लोग फिर से धार्मिक तुष्टीकरण को मोहरा बना रहे हैं। कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का राज है और उन्होंने क्या पाप किया है? आप हैरान हो जाओगे।
मुझे बताइए कि आपके गांव में आकर कोई कह दे कि इस गांव में सारे लोग अब 'ये' नहीं 'ये' हो गए हैं, तो आपको मंजूर होगा क्या? कांग्रेस सरकार ने कर्नाटक में जितने भी मुस्लिम समाज के लोग हैं, उच्च वर्ग के, धनी, व्यापारी, उद्यमी, न्यायमूर्ति, कोई भी बस मुसलमान होना चाहिए।
अगर वो मुसलमान है तो उन्होंने रातों-रात एक कागज पर हस्ताक्षर करके उन सभी को OBC घोषित कर दिया। वहां कांग्रेस ने विद्या और सरकारी नौकरी में पहले जिन OBC लोगों को आरक्षण मिलता था उस OBC समाज में इतने सारे नए लोग डाल दिए कि OBC समाज को जो आरक्षण मिलता था वो उनसे छीन लिया।
चोरी-छिपे छीन लिया और मुसलमानों को गैर-कानूनी तरीके से OBC बना दिया था। पीएम मोदी ने मुरैना में बोलते हुए आगे कहा कि कांग्रेस दलितों का, पिछड़ों का, आदिवासियों का, हक छीनने का षडयंत्र लंबे समय से कर रही है। 19 दिसंबर 2011 में जब उनकी सरकार थी, तब भी कांग्रेस की केंद्र सरकार धर्म के नाम पर आरक्षण देने का एक नोट संसद में लेकर आई।
इस संसदीय नोट में ये कहा गया था कि OBC समाज को जो 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, मंडल कमीशन के अनुसार जो आरक्षण मिलता है, उस आरक्षण का एक हिस्सा काटकर के, मजहब के नाम पर दिया जाएगा। सिर्फ दो दिन बाद, 22 दिसंबर 2011 को इसका आदेश भी निकाल दिया गया। बाद में आंध्र प्रदेश के हाई कोर्ट ने कांग्रेस सरकार के इस आदेश को रद्द कर दिया।
ये सुप्रीम कोर्ट में गए लेकिन राहत नहीं मिली। तब 2014 में कांग्रेस ने घोषणापत्र में लिखा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देने के लिए कानून बनाना पड़े तो कानून भी बनाएंगे... उसके बाद इन समाजों ने एक होकर, कांग्रेस के सपनों को मिट्टी में मिला दिया, उनको सत्ता से बाहर कर दिया। फिर भी सुधरने को तैयार नहीं है।












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