दमोह में तंदूरकांड जैसा हत्याकांड: Drum और PhonPe ने खोला राज, दोस्त ही निकला हत्यारा
दमोह में तंदूरकांड जैसा हत्याकांड, ड्रम और फोनपे ने खोला सनसनीखेज मामले का राज
सागर, 11 अगस्त। तंदूर हत्याकांड के जैसे एक व्यक्ति की हत्या कर उसे लोहे के कंटेनर में रखकर जलाने जैसे सनसनीखेज मामले में अपराधि ने बडे ही शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। जुर्म ने खुद सबूत उगला और जलते ड्रम की पड़ताल में पुलिस अपराधी के गिरेवान तक पहुंच गई। हत्यारे ने एक गलती कर बाजार से ड्रम खरीदा और उसका फोन-पे से भुगतान करने की गलती कर गया, इतनी सी गलती उस पर भारी पड़ गई और पुलिस के हाथ उसकी गर्दन तक पहुंच गए।

दमोह के मागंज इलाके में मुश्की बाबा मजार के पास एक

हत्या के दो दिन पहले ड्रम खरीदा, फोन-पे से भुगतान किया और उसी से पकड़ा गया
तंदूर कांड जैसा हत्याकांड जितना सनसनीखेज और दुर्दांत था, उतना ही पुलिस के लिए चुनौती बन गया। एसपी डीआर तेनीवार के बताए अनुसार आरोपी राय चैराहा स्थिति पतंजलि उत्पादों को बेचने वाला साईं उर्फ अक्षय पाराशर निकला है। रुपयों के लेनदेन के चलते उसके मन में लालच आया और उसने अपने दोस्त सचिन जैन को ठिकाने लगाने का पूरा प्लान बना लिया। उसने 5 अगस्त को एक बकौली चैराहे के पास स्थित एक दुकान से लोहे की केरोसिन रखने वाली खाली ड्रम खरीदा था। ड्रम का भुगतान उसने आॅनलाइन भुगतान एप फोन-पे से किया था। यही उसके अपराध का सबसे बढ़ा सबूत बन गया। इसी आधार पर पुलिस पहले दुकानदार और फिर अक्षय पाराशर के गिरेबांन तक पहुंची।
दवाओं की खेप आने का झांसा देकर ड्रम वारदात स्थल पर पहुंचाया
एसपी डीआर तेनीवार ने बताया कि हत्यारे अक्षय पाराशर ने मृतक सचिन जैन की हत्या करना स्वीकार करते हुए पूरी वारदात की कहानी बता दी है। 5 अगस्त को ड्रम खरीदकर ले गया। 7 अगस्त की शाम उसने सचिन की हत्या रेलवे स्टेशन के पास अपनी मुहं बोली बहन के घर पर गला रेतकर की थी। उसे ड्रम में डालकर ऊपर से कपड़े, खून से सने गद्दे, लकड़ी, केरोसिन कंडेनर में डालकर बंद कर दिया और एक दोस्त व वाहन चालक को बुलाकर ड्रम में पतंजलि की दवाएं आने की बात कहकर ड्रम को वारदात स्थल अर्थात मुश्की बाबा मजार वाले मैदान तक पहुंचा दिया था। उसी 7 अगस्त की रात उसने यहां करीब 11 बजे आकर ड्रम की लकड़ियों में आग लगा दी। लोग यही समझते रहे कि कचरा जल रहा है। दूसरे दिन सुबह जाकर देखा तो सचिन का शव पूरा नहीं जला था, जिसमें दोबारा आग लगाकर वह वापस आ गया। बदबू से बेहाल पड़ोसी राठौर परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी कि कोई जानवर या इंसान ड्रम में जल रहा है।
हम सभी के जीवन में इस तरह का पहला मामला: एसपी
पुलिस की नौकरी के दौरान इस तरह से भीभत्स व प्लांड तरीके से हत्या कर ड्रम में शव को जलाने का मामला पहली दफा सामने आया था। पूरी टीम ने इसको चुनौती के रुप में लिया था। महज 24 घंटे में पूरी टीम ने हत्याकांड को सुलझाने में सफलता पाई है।
- डीआर तेनीवार, एसपी दमोह












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