MP: हीरों की तलाश में डैम की मिट्टी लूट रहे लोग, एमपी-यूपी के सैकड़ों लोगों का नदी में जमावड़ा, पढ़िए खबर
सागर, 8 सितंबर। पन्ना जिले के अजयगढ़ इलाके के विश्रामगंज से गुजरी रुंझ नदी पर इन दिनों एक बांध बनाने का काम लगा है। यहां आसपास पहाड़ों की खुदाई कर मिट्टी से नाला क्लोजर बनाने का काम चल रहा है। चूंकी यह नदी और आसपास का इलाका हीरों की खुदाई के लिए प्रसिद्ध रहा है, इस कारण बांध की मिट्टी में हीरे तलाशने के लिए कुछ दिनों से बड़ी संख्या में आसपास के लोग नदी की तलहटी तक पहुंच रहे हैं। चूंकी यह उथली नदी है और यहां पहाड़ों से बहकर मिट्टी आती है। डैम के लिए खोदी गई मिट्टी और गड्डों में लोगों को उम्मीद है कि कच्चे हीरे मिल सकते हैं, इस कारण महिला-पुरुष और बच्चे सभी सुबह से शाम तक मिट्टी को एकत्रित करने, छानकर हीरे तलाशते देखे जा सकते हैं।

हीरों की आस में लोग परिवार सहित मिट्टी खोद रहे
पन्ना जिले में हीरों की नदी के नाम से प्रसिद्ध रुंझ नदी इन दिनों काफी चर्चाओं में है। यहां पन्ना जिले के अलावा यूपी के सीमावर्ती जिलों के लोग नदी की तलहटी में डेरा जमाए हैं। हीरों की आस में लोग तसला, फावड़ा लेकर परिवार सहित मिट्टी को खोदने और साफ करने में जुटे नजर आ रहे हैं। दरअसल यहां नदी पर बांध बन रहा है, खुदाई में निकली मिट्टी में हीरा तलाशने के लिए सैकड़ों लोग पहुंच गए हैं। पुलिस ने कई लोगों पर कार्रवाई भी की हैं।

उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाके के लोग भी आ रहे हीरे तलाशने
अजयगढ़ विश्रामगंज का इलाका उत्तरप्रदेश की सीमा से लगा हुआ है। आसपास के इलाके में जैसे ही खबर फैली कि रुंझ नदी पर बांध बनाने का काम लगा हुआ है और लोग यहां हीरे तलाश रहे हैं तो यूपी से भी लोग मोटरसाइकल व अन्य साधनों से पहुंच रहे हैं। सुबह से शाम तक यहां नदी के अंदर व आसपास के इलाके में लोग डेरा जमाए रहते हैं। कुछ हिस्सों में लोग समूह में बैठकर मिट्टी को साफ कर अपनी किस्मत को खंगालते नजर आ रहे हैं।

पुलिस और वन अमले के लिए मुसीबत
आसपास के इलाकों से लोग मोटर साइकल सहित दुपहिया वाहन, आॅटो रिक्शा आदि से यहां पहुंच रहे हैं। विश्रामघाट इलाके में मुख्य सड़क पर गाड़ियों का मेला सा लगा रहता है। वन विभाग और पुलिस इनको लगातार खदेड़कर भगा रहे हैं, बावजूद इसके नदी में अंदर की तरफ पहुंचकर लोग मिट्टी में हीरे की तलाश कर रहे हैं। अमले को देखकर लोग दौड़ लगा देते हैं, अमले के जाते ही फिर वापस आ जाते हैं। पुलिस ने ऐसे करीब 60 से 70 लोगों पर कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों के चालान भी करना शुरु कर दिए हैं। एक दर्जन मोटर साइकल जब्त भी की गई थीं, हालांकि बाद में इन्हें छोड़ दिया गया था।

हीरों की उथली खदानों के लिए पहचाना जाता है यह इलाका
रुंझ नदी को हीरों की नदी कहा जाता है। कहते हैं पुराने समय में लोग डुबकी लगाने के साथ नदी कि तलहटी से हीरे ले आते थे! आसपास के पहाड़ी इलाकों में हीरे की खदानें भी रही हैं। बारिश के दौरान पहाड़ों की मिट्टी बहकर नदी में आती रही है और इसी में कच्चे हीरे भी मिलते थे। हालांकि अब यहां हीरे मिलना केवल मुकद्दर का काम है। कई लोगों को खदानें लेने के बाद भी असफलता ही हाथ लगी है। अब डैम बनने के कारण मिट्टी की खुदाई के चलते लोगों किस्मत चमकने की उम्मीद है और अवैध रुप से यहां मिट्टी में हीरे तलाशे जा रहे हैं।

पन्ना में बाघिन, रुंझ नदी की तलहटी हीरों के लिए पहचानी जाती हैं
पन्ना जिले की धरती में वैसे तो हर तरफ कीमती हीरे मिलते रहे हैं। लेकिन जिले से निकलने वाली रुंझ और बाघिन नदी के तटीय इलाके और नदी की तलहटी हीरों के लिए खासी पहचान रखती हैं। हालंाकि अभी काफी लंबे समय से यहां हीरे नहीं मिले, लेकिन पूर्व में इन नदियों की मिट्टी कई लोगों को अमीर बना चुकी हैं। पथरीलें पहाड़ों से निकलकर बहने वाली इन नदियों में आसपास के इलाके के कई नाले भी बारिश में भरपूर मिट्टी बहाकर लाते हैं, जिस कारण मिट्टी के साथ उथली खदानों के हीरे पूर्व में यहां मिलते थे।












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