पंडित धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा को 'धर्म की दुकानें' कहने वाले सज्जन सिंह बयान से पलटे, मांगी माफी
MP में हर मुद्दे पर तंज-कटाक्ष कर चर्चा में रहने वाले कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा अब पंडित धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा को धर्म की दुकानें बताकर फंसे। किरकिरी हुई तो माफीनामें का वीडियो भी जारी कर दिया।

Pandit Dhirendra Shastri and Pradeep Mishra: मध्य प्रदेश में क्या राजनीति यह हो गई है कि नेताओं के मुंह में जो आए उसे किसी भी जगह बोल दिया जाए। सियासत की मर्यादाओं का मान-मर्दन करने की होड़ मची हैं। कुछ ऐसा ही पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा के बयान से हुआ। बीजेपी ने घेरा और सोशल मीडिया पर जब किरकिरी हुई तो माफी मांगना पड़ा।
यह मामला एमपी के चर्चित दो कथा वाचकों बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री और कुम्भ्केश्वर के पंडित प्रदीप मिश्रा को लेकर की गई टिप्पणी का हैं। देवास की सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र के जिरवाय गांव में भागवत कथा थी। वहां सज्जन सिंह वर्मा ने दोनों कथा वाचकों का नाम लेकर विवादित बयान दिया था।
सज्जन सिंह ने भक्तों से भरे कथा पंडाल में कहा था कि 'धर्म की भी अब दुकानें खुल गई हैं। पहले छोटी दुकानें होती थी, अब बड़ा जनरल स्टोर खुल गया। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री बाबा बागेश्वर धाम वाला और एक सीहोर वाले प्रदीप मिश्रा ने बड़ी दुकान खोल लीं हैं।'

सोशल मीडिया पर सज्जन सिंह वर्मा के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जब वायरल हुआ तो बीजेपी ने वर्मा को घेरा। कुछ नेताओं ने 13 फरवरी की उस फोटो को पोस्ट करते हुए भी कटाक्ष किया, जिसमें कमलनाथ और अरुण यादव के साथ सज्जन सिंह बागेश्वर धाम हाजिरी लगाने गए थे। उस फोटो में सज्जन सिंह धीरेंद्र शास्त्री के सामने हाथ जोड़े नजर आ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जब सज्जन सिंह को खरी-खरी सुनाई तो कांग्रेस में भी हलचल मची। बड़े नेताओं ने सज्जन सिंह के बयान से खुद को किनारे रखा। यह सोचकर भी कि चुनावी साल हैं और इस तरह के सुर में सुर मिलाना कही घातक न जाए।
अब सज्जन सिंह ने माफीनामा का एक वीडियो जारी किया हैं। जिसमें वह अपने दिए बयान पर खेद जता रहे है। बोले कि 'मैं संत कथावाचक श्रीराम कृष्ण उपाध्याय जी के आदेश से उनकी प्रेरणा से और उनके धर्म मंच से कहे शब्दों के लिए खेद व्यक्त करता हूं और माफी चाहता हूं। मैं अपने शब्दों को सही तरीके से संयोजन नहीं कर पाया और उनके प्रति माफी चाहता हूं। मैं अपनी अगाध श्रद्धा कुबेश्वर धाम के पीठाधीश्वर प्रदीप मिश्रा जी और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री जी के प्रति रखता हूं'।
सज्जन सिंह के लिए यह पहला मौका नहीं है जब किसी के खिलाफ ऐसा तीखा बयान दिया। इससे पहले भी विवादित बयानों में चर्चा में रहे हैं। कई ऐसे मौके पहले भी आए जब उन्हें सार्वजनिक तौर पर माफी मांगना पड़ी। कांग्रेस के लिए भी यह नसीहत है, तब जब चुनाव के लिए महज सवा चार महीने बचे है। जुबान पर लगाम भी जीत के मन्त्रों में से एक है।












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