OPINION: मध्य प्रदेश के युवाओं का भविष्य संवारने में जुटी है सरकार
Madhya Pradesh News: दिवाली से पहले ही डॉ मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के युवाओं के लिए बहुत बड़े तोहफे का एलान कर दिया है। मध्य प्रदेश सरकार इसी साल दिसंबर से खाली पड़े सरकारी पदों पर भर्तियां शुरू करने जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार यह प्रक्रिया फिलहाल 1 लाख पदों पर नियुक्तियों के लिए अपनाने वाली है।
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पिछले हफ्ते ही यह फैसला लिया है, जिससे एक लाख युवाओं का सपना साकार होना तय है। यह नियुक्ति राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में होनी हैं। इतना ही नहीं मोहन यादव सरकार कम से कम 11 सरकारी विभागों में रोजगार पैदा करने की दिशा में भी पहल कर रही है, जिससे आने वाले समय में लाखों अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध होने तय हैं।

एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की पहल
मध्य प्रदेश सरकार के कई विभागों में खाली पदों की वजह से कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए मोहन यादव सरकार ने इन भर्तियों के माध्यम से युवाओं को नौकरियां देने के साथ-साथ सरकारी विभागों की परफॉर्मेंस को और भी बेहतर करने की भी कोशिश शुरू की है।
लाखों युवाओं के लिए पैदा किए जा रहे हैं रोजगार के अतिरिक्त अवसर
राज्य सरकार दिसंबर से जिन 1 लाख पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है, वह मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड और राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी। यह तो सिर्फ सरकारी पदों पर भर्तियों की बात है, मोहन यादव सरकार जिस तरह से लगातार प्रदेश में निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही है और बड़े-बड़े उद्योग स्थापित करने की कोशिशों में जुटी है, उससे लाखों रोजगार के अवसर अलग से पैदा हो रहे हैं।

मोहन यादव सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने पर दे रही है जोर
इसी कड़ी में राज्य सरकार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित करवा रही है, जिससे एक से बढ़कर एक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में रीवा में ऐसा ही एक कॉन्क्लेव आयोजित किया गया है, जो कि पांचवां था।
मध्य प्रदेश सरकार राज्य को आगे ले जाने के लिए विशेष तौर पर युवाओं के लिए लगातार काम कर रही है। रीवा कॉन्क्लेव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने कहा, 'दिवाली के मौके पर युवाओं के लिए बड़ा अवसर होगा, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें काम की जरूरत है।'
मध्य प्रदेश के युवाओं के सपने साकार करने में जुटी है सरकार
रीवा से पहले मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में भी ऐसा ही कॉन्क्लेव आयोजित करवा चुकी है। मुख्यमंत्री खुद प्रदेश के बाहर भी निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए कई बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं। इसी का परिणाम है कि रीवा से पहले के मात्र चार रीजनल कॉन्क्लेव के माध्यम से मध्य प्रदेश में 2,45,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आ चुके थे।

इन निवेशों की वजह से राज्य में 3.25 लाख से भी अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावनाएं तैयार हुईं। दरअसल, मध्य प्रदेश क्षमताओं से भरा राज्य है और प्रदेश सरकार इसके प्रति उद्योगपतियों को आकर्षित करने में सफल हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार भी इस मिशन में अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ जुटी हुई है। इससे राज्य भी तरक्की कर रहा है और युवाओं का भविष्य भी संवर रहा है।












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