OPINION: रंग ला रही है मध्य प्रदेश सरकार की पहल, पैदा हो रहे हैं हजारों रोजगार के अवसर
MP News: मध्य प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका कभी बहुत उपेक्षित हुआ करता था। लेकिन, आज यहां की तस्वीर भी बदली है और क्षेत्र के लोगों की तकदीर भी संवरने लगी है। जब भी किसी सरकार का नजरिया दूरगामी परिणामों वाला होता है तो आखिरकार कल्याण आम जनता का ही होता है। जिस बुंदेलखंड के लिए कभी कोई कल्पना नहीं कर सकता था, आज वहां के लिए प्रदेश सरकार को 23,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव राज्य के विकास के लिए लगातार इंवेस्टर समिट आयोजित करवा रहे हैं। इसी कड़ी में 27 सितंबर, 2024 (शुक्रवार) को बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश के आह्वान के लिए सागर में रीजनल इंड्रस्ट्रियल कॉनक्लेव (RIC) आयोजित किया गया। इसमें सम्मेलन में बुंदेलखंड जैसे इलाके में निवेश के लिए निवेशकों की एक तरह से लाइन लग गई।

निवेश का हब बनने के लिए तैयार हुआ बुंदेलखंड
जब सरकार भरोसेमंद होती है तो कारोबारियों को भी वहां निवेश करने में आसानी होती है। उन्हें विश्वास होता है कि उनकी पूंजी बेकार नहीं जाएगी। मोहन यादव सरकार यही भरोसा निवेशकों को देने में सफल रही है। यही वजह है कि बुंदेलखंड जैसा इलाका भी आज दूसरे विकसित क्षेत्रों से कदमताल करने के लिए तैयार है।

बुंदेलखंड में पैदा हो रहा हजारों रोजगार का अवसर
सागर में जो इंवेस्टर समिट आयोजित किया गया है, वह राज्य में इस तरह का चौथा आयोजन है। सबसे बड़ी बात ये है कि खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि बुंदेलखंड में होने वाले निवेश से 28,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

अब विकास की बहार के लिए जाना जाएगा बुंदेलखंड
बुंदेलखंड में निवेश के लिए जो कुछ बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं, उनमें निवाड़ी जिले में इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के लिए 3,200 करोड़ रुपए का निवेश भी शामिल है। यह प्रस्ताव पेसिफिक इंड्रस्टीज की ओर से आया है। अकेले इस तरह के निवेश से इलाके में 10,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना है।
इसी तरह से बंसल ग्रुप की ओर से 100 मेगावॉट के सोलर प्लांट के लिए 1,350 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। यही नहीं बंसल ग्रुप बुंदेलखंड क्षेत्र में चार सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल और एक फाइव-स्टार होटल भी बनाने के लिए तैयार है।

राज्य सरकार ने 96 औद्योगिक इकाइयों के लिए 240 एकड़ जमीन का आवंटन पत्र भी जारी कर दिया है। इनमें 1,560 करोड़ रुपए का निवेश होना है और 5,900 से ज्यादा युवाओं को रोजहार मिलने जा रहा है।
रंग ला रही है मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल
मध्य प्रदेश में निवेश के लिए सीएम यादव पिछले कुछ महीनों से कई शहरों की यात्राएं कर चुके हैं। उन्होंने राज्य में एक ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिससे निवेशक खुले दिल से निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए तमिलनाडु के कोयंबटूर समेत मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों की यात्राएं की हैं और वहां संभावित निवेशकों के साथ चर्चाएं भी कर चुके हैं।
सागर से पहले राज्य में उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी इंवेस्टर समिट का आयोजन किया जा चुका है। आने वाले दिनों में रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। जबकि, अगले साल फरवरी में राजधानी भोपाल में एक मेगा इंवेस्टर समिट का आयोजन होना है।

इसी महीने की शुरुआत में अपनी कोलकाता यात्रा के बाद मुख्यमंत्री ने बताया था कि राज्य को केमिकल, सीमेंट, स्टील और रिन्यूएवल एनर्जी के क्षेत्र में 19,270 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव मिला है, जिससे करीब 9,500 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।












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