Opinion: सियासत के समुद्र में 'लोकमय' बनता जा रहा मध्य प्रदेश, हर छोर को साधते आगे बढ़े 'शिवराज'
Opinion: आगे बढ़ते मध्य प्रदेश के नक्शे में धर्म की पताका और ऊंची होती जा रही हैं। चर्चित धर्म-स्थलों का कायकल्प कर सरकार प्रदेश को नए रूप में ढाल रही हैं। कहने वालों के लिए भले ही सियासत हो, लेकिन शिवराज सरकार ने धर्म की नई इबारत लिखने का काम किया हैं।
राजनीति का धर्म से गहरा नाता रहा। सरकार कोई भी हो, इसी स्तंभ से टिकी रही। वक्त पर नफा-नुकसान अलग बात रही। लेकिन मध्य प्रदेश पर गौर करें तो विशेष तौर पर हुकूमत का वास्तविक 'राज-धर्म' शिवराज सरकार के रूप में ही देखने को मिला।
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू कर लीजिए तो प्रदेश के हर छोर पर हिंदुत्व को बल देने धर्म स्थलों को चुना गया। जिसकी आस किसी न किसी बहाने, जनता पहले की सरकारों से भी लगाए रही। उस सपने ने मूर्त रूप तब लिया जब जैसे फर्स्ट फेज में महाकाल लोक के रूप में उज्जैन को नई पहचान मिली। काम कठिन था, लेकिन शिवराज सरकार के मन का संकल्प शुद्ध रहा। केंद्र की मोदी सरकार ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए।

राज्य सरकार का मनोबल बढ़ा तो नए वित्तीय वर्ष में उज्जैन महाकाल की तर्ज पर प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए भी घोषणा कर दी गई। वहां के धर्म स्थलों की पहचान 'लोक' के रूप में विकसित करने का जिम्मा उठा लिया गया। सबसे ज्यादा 2200 करोड़ के खर्च से ओंकारेश्वर लोक भी बन रहा हैं। शिवराज सरकार हर क्षेत्र को साधते हुए आगे बढ़े और कई धर्म स्थलों को नई शक्ल देने का फैसला लिया। चुनावी साल में एमपी आगे बढ़ रहा हैं, लिहाजा धर्म प्रेमी जनता के पास ऐसे कोई कारण नहीं बचेंगे, जिससे शिवराज को नाकारा जा सकें।
लोकमय होते मप्र में की गई घोषणाएं
- शिवराज सरकार ने बजट में ओरछा के रामराजा के विकास को भी शामिल किया है। इसे 'रामराजा लोक' के नाम से विकसित किया जाएगा।
- सरकार ने नर्मदा परिक्रमा के लिए नर्मदा पथ का निर्माण करने की योजना भी बजट में पारित की है। हर साल नर्मदा परिक्रमा के लिए मध्य प्रदेश के लाखों लोग पहुंचते हैं।
- अभी दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के विकास का दूसरा चरण चल रहा है, जबकि सरकार ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए भी बजट में करोड़ों रुपए की राशि स्वीकृत की है। यहां एकात्म धाम की स्थापना की जाएगी।
- सरकार वैदिक पीठ की स्थापना के लिए 350 करोड़ का प्रावधान बजट में ला चुकी है।
ओंकारेश्वर में सबसे ज्यादा खर्च
छिंदवाड़ा में 314 करोड़ में हनुमान मंदिर लोक, सलकनपुर में श्रीदेवी महालोक, सागर में रविदास धाम, दतिया में पीतांबरा लोक, ओरछा में 176 करोड़ में रामराजा लोक, चित्रकूट में 100 करोड़ में रामपथ गमन लोक, इंदौर में 25 करोड़ में अहिल्यानगरी लोक, 10 करोड़ में जानापाव लोक, ओंकारेश्वर में 2200 करोड़ में ओंकारेश्वर लोक बन रहा है। ग्वालियर में शनि लोक और बड़वानी में नाग लोक की घोषणा हुई है। इसके अलावा 1100 करोड़ की परियोजना में महाकाल मंदिर परिसर को 2.82 हेक्टेयर से बढ़ाकर 47 हेक्टेयर किया है। दूसरे चरण का काम चल रहा है। चित्रकूट में वनवासी रामपथ, ओरछा में रामराजा लोक, दतिया में पीतांबरा पीठ कॉरिडोर, इंदौर में अहिल्या नगरीय लोक, महू का जानापाव को नए रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया हैं।












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