चुनावी चौसर पर 'शिव' के तिलिस्म को तोड़ना आसान नहीं
रिश्तों की सियासत वाले सीएम शिवराज सिंह चौहान अपने तिलिस्म के साथ मौजूद हैं। पहले चुनाव से लेकर इस चुनाव तक लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित करते जा रहे शिवराज इस चुनाव भी नया इतिहास रचेंगे, ये अवश्यंभावी प्रतीत होता जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने पहला चुनाव 1990 में बुदनी विधानसभा से लड़ा था। उनको इस चुनाव में 43 हजार 948 मत प्राप्त हुए थे, जबकि कांग्रेस के हरी सिंह को 21 हजार 138 वोट मिले थे। शिवराज सिंह चौहान ने यह चुनाव 22 हजार 810 वोटों से जीता था।

जीत का ये सिलसिला शुरू हुआ तो शिवराज सिंह चौहान ने अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए 2006 के उप चुनाव में 36 हजार 525 वोटों से चुनाव जीता। इसके बाद 2008 के चुनाव में 41 हजार 526, 2013 के चुनाव में 84 हजार 805 और 2018 का चुनाव 58 हजार 999 मतों से जीता। अब 2023 में फिर से शिवराज सिंह चौहान प्रत्याशी हैं। कांग्रेस द्वारा चुनाव मैदान में उतारे गए प्रत्याशी के चेहरे से ही इस बात की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि शिवराज इस चुनाव में अपने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने वाले हैं।
आत्मविश्वास से लबरेज सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में एक बार बीजेपी की सरकार बनने का दावा किया। अपने क्षेत्र की जनता पर अटूट भरोसे के चलते उन्होंने बुदनी का चुनाव समर्थकों के भरोसे छोड़ दिया है। जबकि वे खुद प्रदेश की अन्य सीटों पर कमल खिलाने निकल पड़े हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया है कि आने वाले पांच साल प्रदेश के लिए स्वर्णिम होंगे।
देश के इतिहास में संभवत: यह पहली योजना है जिसके अंतर्गत पिछले 5 महीने के अंतराल में मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी अन्य महिला सशक्तिकरण से जुड़ी हुई लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के समकक्ष इस योजना का क्रियान्वयन किया है। मध्य प्रदेश में इस योजना को तुरंत प्रभाव से लागू करते हुए आज 5 महीने से अधिक समय हो चुका है। देश के इतिहास में महिलाओं के खाते में सीधे जाने वाली राशि के विषय में संभवत: यह देश की पहली योजना है। वर्तमान में एक करोड़ 32 लाख महिलाएं अर्थात लाड़ली बहनें इस योजना का लाभ उठा रही है।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार को एक बार फिर से सत्ता में लाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा जारी की गई इस योजना के बारे में राजनीतिक रूप से स्पष्ट कहा जा सकता है कि यह योजना आने वाले विधानसभा चुनाव में 90% तक महिलाओं का समर्पण भारतीय जनता पार्टी की ओर करने के लिए तय मानी जा रही है । इस बात को कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी समझ चुका है, इसलिए 4 अक्टूबर को जैसे ही आचार संहिता लागू होने के 6 दिवस पूर्व लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत राशि का आवंटन किया गया वैसे ही कांग्रेस पार्टी के द्वारा आरोप प्रत्यारोप का दौर प्रारंभ होने के साथ-साथ इस योजना को बंद करने का भी प्रयास सरकार कांग्रेस की आने की स्थिति में प्रारंभ हो चुका है।
शिवराज सिंह चौहान मप्र विधानसभा में पुनः भाजपा का परचम फहराने की शक्ति से भरे दिखाई दे रहे हैं। इस बीच वे कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं से दो दो हाथ करने में कोताही नहीं कर रहे। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान को उनकी व्यवहारिक ज्ञान और समझ से जोड़ते हुए कहा कि आप देखो उनमें और हम में अंतर क्या है। धान का खेत काटने पहुँच जाएं, लेकिन यह पता ही नहीं है कि धान जमीन के नीचे होती है या जमीन के ऊपर! वह जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं हैं, हमनें तो बक्खर हाँके हैं और ढुली टांग कर उराई भी करी है। बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आटे की कीमत लीटर में बताई। वीडियो इस नैरेटिव के साथ वायरल है कि राहुल गांधी को यह पता ही नहीं कि आटा लीटर में नापा जाता है या फिर किलो में। यह वीडियो दिल्ली के रामलीला मैदान में 4 सितंबर, 2022 का बताया जा रहा है।
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)












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