सीएम शिवराज बोले एससी एसटी एक्ट में बिना जांच के नहीं होगी गिरफ्तारी
भोपाल। मध्यप्रदेश में एट्रोसिटी एक्ट के विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा बयान दिया है। इस बयान के जरिए उन्होंने अपनी ही केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दे दी है। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में बिना जांच के गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। प्रदेश में एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग नहीं होने देंगे और जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। पहले यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया था, लेकिन आरक्षित वर्ग के भारी विरोध प्रदर्शन और उन्हें खुश करने केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटने के लिए कानून में संशोधन कर दिया था, जिसके बाद से सवर्ण वर्ग सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। इधर मप्र में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में सरकार को डर है कि सवर्ण वर्ग के वोट अगर कट जाते हैं, तो सरकार की मुश्किलें और बढ़ जाएगीं।

मुख्यमंत्री ने ये बात अपने बालाघाट के दौरे पर कही। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भोपाल आए, मुझे उम्मीद थी कि वे कांग्रेस कार्यकतार्ओं को राजनीतिक दिशा देंगे और गंभीर बात करेंगे, लेकिन संसद में जो किया था वैसी चीजें उन्होंने भोपाल में भी दोहराईं। सचमुच एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष की इस तरह बॉडी लेंग्वेज जिसमें वह आंखों की भाषा बोलते हैं, शोभा नहीं देती। जनता में सकारात्मक बात रखने में राहुल गांधी नाकाम रहे।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में एससी एसटी एक्ट को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसे में सूबे के मुखिया भी इस विरोध प्रदर्शन का सामना कर चुके है। सतना में उनको काले झंडे दिखाए गए थे। वहीं, महिदपुर में उनके काफिले पर पथराव भी किया गया था। उनके बयान के बाद राजनीति ने बड़ा ही दिलचस्प मोड़ लिया है। भारी विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री डैमेज कंट्रोल की मुद्र में नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा उनके इस बयान के किया सियासी मायने निकलते हैं। सवर्णों को साधने के चक्कर में कही एक बार फिर आरक्षित वर्ग के लोग बीजेपी से नाराज न हो जाएं।
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