MP News: महू उपद्रव में नया खुलासा, जामा मस्जिद के बाहर कैसे भड़का विवाद? 100 से ज्यादा आरोपी नामजद
MP News: चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में भारत की जीत के बाद रविवार रात को महू में हुए विवाद का नया वीडियो सामने आया है। हालांकि भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता है।
यह वीडियो घटना के तीसरे दिन मंगलवार शाम को सामने आया। वीडियो की अवधि लगभग 5 मिनट है, जिसमें घटना के विस्तृत दृश्य देखे जा सकते हैं।

वीडियो में क्या दिख रहा है?
वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि मैच के बाद कुछ लोग बाइक पर बैठकर हाथ में तिरंगा लिए जामा मस्जिद के सामने से गुजर रहे थे। इस दौरान वे "भारत माता की जय" के नारे लगा रहे थे। इनमें से कुछ लोगों के हाथ में ढोल भी थे और वे पूरे जोश के साथ जश्न मना रहे थे।
इसी दौरान, मस्जिद के अंदर से कुछ लोग तेजी से बाहर निकले और नारेबाजी कर रहे लोगों पर हमला कर दिया। हमलावरों के हाथ में डंडे और पत्थर थे।
विवाद कैसे बढ़ा?
जैसे ही हमलावरों ने हमला शुरू किया, जश्न मना रहे लोगों को चारों ओर से घेर लिया गया और उन पर लाठी-डंडों से वार किया गया। इस दौरान कुछ बाइक सवारों को गिराकर पीटा गया। घटना का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह था कि मस्जिद के सामने स्थित एक बिल्डिंग की छत से एक महिला इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रही थी। वीडियो में वह बीच-बीच में धार्मिक शब्द भी बोल रही थी।

नया वीडियो क्या दर्शाता है?
वीडियो में दिख रहा है कि जुलूस के रूप में निकल रहे लोगों में से एक युवक सड़क से मस्जिद की ओर बढ़ा। उसने दरवाजे पर खड़े पांच बच्चों और एक युवक को अंदर जाने का इशारा किया। इन पांचों के अंदर जाने के बाद वह खुद भी गेट पर खड़ा हो गया और अंदर खड़े लोगों को बाहर आने का इशारा करने लगा।
वीडियो के 1 मिनट 30 सेकेंड के हिस्से में दिख रहा है कि उसके इशारे के बाद अंदर से कुछ लोग तेजी से निकले और जश्न मना रहे लोगों पर हमला कर दिया। इनके हाथ में डंडे और पत्थर थे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद महू में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और दोषियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचने की चेतावनी दी है।
वहीं, महू के शहर काजी और जामा मस्जिद के इमाम मो. जाबिर से इस वीडियो को लेकर कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
सुतली बम फेंकने के अब तक प्रमाण नहीं
डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि जामा मस्जिद के सामने से जुलूस निकलते समय तनाव की स्थिति बनी। फिर वहां से जो झगड़ा शुरू हुआ वह पूरे शहर में फैल गया। सुतली बम फेंकने के संबंध में हमें अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है। मस्जिद और अन्य स्थानों पर इतने अधिक पत्थर कहां से आए इस बारे में भी विवेचना कर रहे हैं।
अब तक दोनों पक्षों की ओर से दंगा, बलवा, मारपीट की धाराओं में आठ एफआईआर हुई है। 100 से ज्यादा आरोपियों में 50 से ज्यादा आरोपी नामजद और 13 अरेस्ट हुए हैं। सोशल मीडिया की भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जो भी अफवाह फैलाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। चौपाटी पर लगी आग की जांच कर रहे हैं। कई बार शॉर्ट-सर्किट से भी आग लग सकती है।

शहर काजी की भूमिका की जांच की मांग
सकल हिंदू समाज के पंडित कपिल शर्मा ने बताया कि युवा साथी भारत की विजय का उत्सव मना रहे थे। जैसे ही जुलूस जामा मस्जिद क्षेत्र पहुंचता है, यहां पथराव होने लगता है। जामा मस्जिद के बाद पत्ती बाजार, टाल मोहल्ला, किरवानी मोहल्ले में भी उपद्रव शुरु हो जाता है। इससे साबित होता है कि यह हिंसा पूरी तरह से सुनियोजित थी। इस मामले में शहर काजी मो. जाबिर की भूमिका की जांच होनी चाहिए।निष्कर्ष
महू में हुई इस घटना ने शहर में साम्प्रदायिक तनाव बढ़ा दिया है। प्रशासन अब इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। पुलिस प्रशासन की चुनौती अब इस तनाव को नियंत्रित करने और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने की है।












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