बुंदेलखंड: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू जागरूकता पदयात्रा में शामिल हुए नरोत्तम मिश्रा और राव उदय प्रताप
MP news: 28 नवंबर को बुंदेलखंड क्षेत्र में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू जागरूकता पदयात्रा का आठवां दिन था।
इस यात्रा का उद्देश्य हिंदू धर्म की एकता और जागरूकता को बढ़ावा देना है, और इस दौरान पंडित शास्त्री के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई अन्य प्रमुख नेता भी शामिल हैं। यात्रा बुधवार रात को निवाड़ी के रेस्ट एरिया में विश्राम के बाद गुरुवार सुबह बरुआ सागर के लिए रवाना हुई।

यात्रा का मार्ग और प्रमुख कार्यक्रम
गुरुवार को यात्रा ने बरुआ सागर तक का सफर तय किया, जहां लंच का आयोजन किया गया। यात्रा में एक विशेष आकर्षण श्रीराम की धनुष-बाण और अयोध्या समेत अन्य धार्मिक झांकियां थीं। ये झांकियां यात्रा के सांस्कृतिक पहलू को दर्शाती हैं, जो धार्मिक संदेश और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करती हैं।
कुल मिलाकर यात्रा का आज का कार्यक्रम था
15 किलोमीटर का पैदल सफर, जो कि निवाड़ी से शुरू होकर ओरछा तिगेला तक पहुंचेगा, जहां रात्रि विश्राम होगा। शुक्रवार सुबह, यात्रा ओरछा के लिए रवाना होगी, और वहां लगभग 8 किलोमीटर का मार्ग तय करने के बाद रामराजा दरबार में यात्रा का विधि-विधान से समापन होगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
गुरुवार सुबह निवाड़ी रेस्ट एरिया में यात्रा के आयोजकों ने ध्वज फहराने के साथ राष्ट्रगान गाया और उसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान मंच पर मौजूद थे यूपी के पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, एमपी के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, और निवाड़ी विधायक अनिल जैन। इन नेताओं ने इस धार्मिक यात्रा की सफलता और महत्व को रेखांकित किया और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यों की सराहना की।

यात्रा की धार्मिक और सामाजिक महत्ता
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पदयात्रा न केवल धार्मिक जागरूकता फैलाने का माध्यम है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी प्रोत्साहित कर रही है। यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों का उत्साह और विश्वास इस बात का प्रमाण है कि हिंदू धर्म के प्रति लोगों में गहरी श्रद्धा और सम्मान है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक गीतों और मंत्रोच्चारण के बीच वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय बन जाता है।
भविष्य की यात्रा और समापन
इस यात्रा का समापन ओरछा में स्थित रामराजा दरबार में 30 नवंबर को होगा, जहां एक बड़े धार्मिक आयोजन के रूप में यात्रा का विधि-विधान से समापन होगा। यहां पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और उनके साथ यात्रा कर रहे अन्य नेताओं द्वारा धार्मिक आशीर्वाद और संबोधन दिया जाएगा। यात्रा के समापन के बाद इसके प्रभाव और संदेश को लेकर समाज में सकारात्मक चर्चाएँ और प्रभाव फैलने की उम्मीद है।












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